धनबाद(DHANBAD): बोकारो में एक 18 वर्ष की लड़की के मर्डर के सनसनीखेज खुलासे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं . जिस दिन लड़की लापता हुई थी ,उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी. लेकिन पिंड्राजोरा पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश करती रही. आरोपी के साथ पार्टी करती रही. बता दें कि खुलासा तो सनसनीखेज है ही, पुलिस की भूमिका उससे भी अधिक आश्चर्य में डालने वाली है. लड़की 24 अगस्त 2025 से लापता थी. उसी दिन उसकी चास कॉलेज के पीछे सुनसान जगह पर हत्या कर दी गई थी. हत्या करने के बाद हत्या का आरोपी पिंड्राजोरा पुलिस के साथ पींगे .बढ़ाता रहा. बचने के लिए पुलिस के साथ भी रहा, लेनदेन भी किया. ऐसा पुलिस की जांच में ही सामने आया है. इसके बाद थाना के सभी अधिकारी और जवानों को निलंबित किया गया है.
हत्याकांड के खुलासे में पुलिस भूमिका अमानवीय रही
मतलब आरोपी के शातिरपना और पुलिस के साथ सांठगांठ को जानकर कोई भी आश्चर्य में पड़ जाएगा. पुलिस की भूमिका तो पूरी तरह से अमानवीय रही. पिंड्राजोरा के पुलिस अधिकारी उसके साथ मिले हुए थे और घटना को दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे थे. दूसरी ओर पीड़ित परिवार पिछले साल अगस्त महीने से ही लड़की के सुरक्षित बरामदगी के लिए परेशान था.वह भटक रहा था. सूत्र बताते हैं कि 24 अगस्त 25 को ही पीड़ित परिवार ने पुलिस को आवेदन किया था. उसमें दिनेश महतो पर शक जाहिर किया गया था, बावजूद पुलिस इस पर ध्यान नहीं दी और दिनेश महतो के साथ उठना- बैठना करती रही. बात तो पार्टी करने तक की सामने आई है.
शनिवार को लड़की का कंकाल नुमा शव पुलिस ने जंगल से बरामद किया
शनिवार को लड़की का कंकाल नुमा शव पुलिस ने जंगल से बरामद किया. जिस दिन लड़की लापता हुई थी, उस दिन, जो कपड़ा पहन रखी थी, वह भी बरामद हुआ हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हुआ है. इसके बाद तो बोकारो पुलिस के हाथ पैर फुल गए. एसपी ने पूरे थाने के 28 लोगों को निलंबित कर दिया है. बोकारो पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि- 24 .7.2025 को रेखा देवी उम्र करीब 37 वर्ष पति अनंत महतो थाना पिंड्राजोरा , जिला बोकारो के द्वारा उनकी पुत्री कुमारी पुष्पा महतो, उम्र 18 वर्ष को अज्ञात अभियुक्त द्वारा अपहरण किए जाने का आवेदन दिया गया था. उक्त आवेदक के आलोक में पिंड्राजोरा में कांड अंकित किया गया था. . गठित एसआईटी टीम के पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा उक्त कांड के अनुसंधान के दौरान दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया. अनुसंधान के दौरान अभियोजन पक्ष को कमजोर करते हुए अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य किये जा रहे थे.
पुलिस की दूसरी टीम बनी तो एक दिन में ही हो गया खुलासा
इनका आचरण संदिग्ध प्रतीत हुआ. उक्त आलोक में कांड के त्वरित उद्भेदन के लिए डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. टीम ने सिर्फ एक दिन में कांड का खुलासा करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया तथा गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर लड़की के शव के कंकाल की हड्डी, पहना हुआ कपड़ा एवं हत्या में प्रयुक्त चाकू को बरामद किया गया. इसे स्पष्ट हुआ कि पिंड्राजोरा थाना में पदस्थापित, प्रतिनियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों के द्वारा कांड के उद्भेदन में सहयोग प्रदान नहीं किया गया तथा थाना की गोपनीयता भी नहीं रखी गई. साथ ही अन्य स्रोतों से पता चला है कि अभियुक्त को बचाने के उद्देश्य से , लाभ पहुंचाने के लिए , पैसे की लेनदेन किया गया , अभियुक्त के साथ पार्टी की गई. जिसके कारण पुलिस की छवि आम जनों में धूमिल हुई है. उक्त आलोक में पिंड्राजोरा थाना में पदस्थापित, प्रतिनियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों से लेकर थाना प्रभारी तक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. जिन लोगों को निलंबित किया गया है, उनमे पुलिस अवर निरीक्षक की संख्या 10 है. सहायक अवर निरीक्षक की संख्या 5 है, हवलदार दो हैं, आरक्षी 11 हैं. यानी कुल 28 लोगों को एक साथ निलंबित किया गया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो