☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

दिव्यांग बच्ची की पढ़ने की ललक तो देखिए, कहानी जानकर आंखों में आ जाएंगे आंसू  

दिव्यांग बच्ची की पढ़ने की ललक तो देखिए, कहानी जानकर आंखों में आ जाएंगे आंसू  

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर के परशुडीह शंकरपुर बस्ती की रहने वाली एक दस वर्षीय बच्ची जो आंख से देख नही पाती, लेकिन इस बच्ची को पढ़ने की ललक है. वह स्कूल जाना चाहती है. उसके माता-पिता ने भी झूठा आश्वासन दे रखा है कि उसका स्कूल मे नाम लिखा दिया गया है. बच्ची रट लगाये बैठी है कि वे सोमवार से स्कूल जायेगी. घर पर ही उसने सुन-सुन कर ABC और 1,2, 3 याद कर लिया है. बच्ची को लगता है कि वह आज नहीं तो कल देख पायेगी. वह कहती है कि आंख ठीक होने के बाद वह स्कूल जायेगी. पढ़ेगी, स्कूल से किताब मिलेगी, वगैरह-वगैरह बातें किया करती है. इस बच्ची का नाम है गुरुवारी बोदरा.

बचपन में ठीक थी बच्ची, मगर बाद में खराब होने लगी आंखें   

चलिए इस बच्ची के बारे मे आपको बताते हैं. यह बच्ची बचपन में ठीक थी, लेकिन बचपन में ही आंख में जय बंगला हो गया और उसके बाद आंखे खराब होने लगी. चार साल तक इस बच्ची को आंख से दिखना बंद हो गया. अब तो हालत ऐसी हो गयी है कि बच्ची की आंख अब पलक से बाहर निकलने लगी है. पिता और मां दोनो मजदूरी करते हैं. पिता सिंह बोदरा अक्सर बीमार रहते हैं और मां को भी रतौंधी है, जिससे शाम के बाद दिखना कम हो जाता है. किसी तरह से माता-पिता दो वक्त की रोटी जुगाड़ कर पाते हैं. बच्ची जब छोटी थी तो उसे इलाज के लिये सदर अस्पताल, एमजीएम ले जाया गया था. वहां ऑपरेशन की बात कही गयी. मगर, ऑपरेशन के लिए पैसे नही थे. जब ऑपरेशन नही हुआ तो बच्ची के दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिये माता पिता ने प्रयास किया. आज से सात साल पहले ही बच्ची का दिव्यांग प्रमाण पत्र बन गया, लेकिन प्रमाण पत्र खो जाने के बाद आज तक बच्ची को दिव्यांग का पेंशन नही मिला.  

मां कराना चाहती है बेटी की इलाज

बच्ची की मां गुलाची बोदरा अपने बच्ची का इलाज चाहती है. रो-रो कर बताती है कि अगर बच्ची की आंख ठीक हो जाये तो वह पढ़ सकती है. अभी बच्ची की देखरेख के लिये घर पर किसी ना किसी को रहना पड़ता है. मां बच्ची की देखरेख मे लगी रहती है. नहाने से लेकर कपड़े पहनाना, कंघी करना, शौच के लिये साथ मे जाना हर कुछ के लिये बच्ची के साथ मां रहती है. जिसके कारण वह काम पर भी नही जा सकती. पिता अक्सर बीमार रहने पर घर की माली हालत खराब हो गयी है. अब मां और पिता दोनो बच्ची के इलाज के लिये गुहार लगा रहे हैं. वैसे कांग्रेस के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकर्ता भरत सिंह ने बच्ची के इलाज और पेंशन के लिये मदद का भरोसा दिया है, लेकिन कितनी मदद होगी, यह समय बतायेगा.

 

Published at:26 Jul 2022 05:54 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.