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देखिये-झामुमो की जन्मस्थली धनबाद में कैसे टकरा रहा नेताओं का अहम,सुलझाने को मजबूर हुआ नेतृत्व  

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 11:32:56 AM

धनबाद (DHANBAD) : झारखंड मुक्ति मोर्चा अभी सत्ता में है. लेकिन इसकी जन्मस्थली धनबाद जिला कमिटी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज है. पिछले एक साल से भी अधिक समय से जिले में दो कमेटियां काम कर रही है. हाल के 9 अक्टूबर को जिला सचिव पवन महतो के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय नेतृत्व के कान खड़े हुए है. पवन महतो ने जिला अध्यक्ष रमेश टुडू पर कई आरोप लगाए थे. कोयला चोरों को पार्टी में शामिल करने का भी आरोप इसमें शामिल है.

केंद्रीय समिति ने जारी किया चेतावनी पत्र 

इसकी सूचना रांची पहुंचने के बाद केंद्रीय समिति के अधिकारी विनोद कुमार पांडे ने विशेषकर धनबाद के लिए एक चेतावनी पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि सूचना मिल रही है कि धनबाद में  पार्टी के लोग विभिन्न मंचों पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे है. यह पार्टी हित में नहीं है. आगे ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पत्र में यह भी जिक्र है कि 18 अक्टूबर को पार्टी के पदाधिकारी रांची पहुंचे, वहां इस मामले पर विचार किया जाएगा. यानी जिला कमेटी में चल रहे झगड़े की पंचायती 18 को रांची में होगी. झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन 4 फरवरी 1972 को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड, जिसे अब रणधीर वर्मा स्टेडियम कहा जाता है,में किया गया था.

तीन दिग्गज नेताओ ने मिलकर की थी स्थापना

बिनोद बिहारी महतो, शिबू सोरेन और एके राय ने मिलकर पार्टी की स्थापना की थी. बाद में एके राय की राह अलग हो गई. आगे चलकर झामुमो का मार्डी गुट भी बना.लेकिन दुमका का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद  शिबू सोरेन का धनबाद से नाता जुड़ा रहा. टुंडी उनकी कार्यस्थली रही है. पोखरिया में उनका आश्रम आज भी है. जहां से उन्होंने झारखंड अलग राज्य सहित महाजनी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की थी.  टुंडी से 1977 में उन्होंने चुनाव भी लड़ा था. उसके बाद 1980 में शिबू सोरेन दुमका से सांसद चुने गए. 

हर साल 4 फरवरी को धनबाद में होता है स्थापना दिवस 

हर साल 4 फरवरी को धनबाद में पार्टी की स्थापना दिवस मनाई जाती है. इधर, 2 फरवरी 1977 से दुमका में भी स्थापना दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई और यह आज भी जारी है. धनबाद जिला में पार्टी में क्यों और काहे विवाद शुरू हुआ है. इसके कई कारण गिनाए जाते है. लेकिन धनबाद में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं में विवाद का असली कारण 2019 का विधानसभा चुनाव बताया जाता है. यहीं से विवाद की शुरुआत हुई और यह विवाद आज आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है. जिसमें केंद्रीय नेतृत्व को हस्तक्षेप करना मज़बूरी हो गई है.

रिपोर्ट: शांभवी सिंह,धनबाद

Tags:News

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