रांची(RANCHI): झारखंड में पेट्रोल की किल्लत का डर लोगों में दिख रहा है. रांची समेत आस पास के सभी जिलों में पेट्रोल पंप पर गाड़ी की कतार दिख रही है. जिसमें घंटों लाइन लगने के बाद भी किसी को तेल मिल रहा तो कोई वापस लौट रहा है. रांची में बीते गुरुवार से हालत बदतर हो गए. अचानक सभी पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ गई. रात के 12 बजे तक लोग लाइन में लगे दिखे. वहीं सुबह होते ही 5 बजे से ही पंप पर पहुंच गए.
इस दौरान रांची हरमु,लालपुर,कोकर समेत सभी इलाके में मौजूद पेट्रोल पंप पर लंबी कतार देखी जा रही है. बाइक और कार सवार अपनी गाड़ी की टंकी फूल कराने के लिए बेताब है. घंटों लाइन में लगे दिख रहे है. इस दौरान जब रांची में पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों से बात की तो कई लोग आक्रोशित दिखे. उनका मानना है कि तघंटों लाइन में लगने के बाद तेल की खत्म होने की बात बोल कर लौटा दिया गया.
वहीं दूसरे व्यक्ति अजित कुमार ने बताया कि वह देर रात भी लाइन में लगे थे इसके बाद सुबह फिर पंप पहुंचे. कड़ी मशक्कत के बाद उन्हे बाइक में तेल मिला है. इस बीच पेट्रोल पंप पर सुविधा सही से नहीं दी जा रही है. जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. लोग पैनिक होकर पेट्रोल पंप पर पहुंच रहे है.
इस पूरे मामले एमन रांची डीसी ने पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की है. जिसमें उन्होंने यह आदेश दिया है कि सही तरीके से सभी को तेल लोगों को उपलब्ध कराया जाए.साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है. तेल की कोई कमी फिलहाल नहीं है. अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंचने से स्टॉक कम पड़ रहा है. जिसे पूरा किया जा रहा है.
वहीं इस पूरे प्रकरण में झारखण्ड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने साफ किया है कि ईंधन की कमी को लेकर फैली अफवाहों के चलते ज्यादतर पेट्रोल पंपों पर भीड़ और लंबी लाइनें सचमुच चिंता का विषय बनी हुई हैं. यह स्थिति मुख्य रूप से अफवाहों, पैनिक बाइंग के कारण पैदा हुई है.
एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि राज्य में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है. बीते कुछ घंटों में कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां लोग जल्दबाज़ी में अपने वाहनों की टंकियां फुल कराने पहुंच रहे हैं. इस पैनिक बाइंग की वजह से कई जगहों पर अनावश्यक दबाव की स्थिति बन गई है. लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदें. ऑयल कंपनियों की ओर से नियमित सप्लाई जारी है और किसी तरह का संकट नहीं है.