धनबाद (DHANBAD): शिक्षक की लापरवाही का खमियाजा एक परिवार को किस तरह भुगतना पड़ता है, उसकी बानगी यह खबर है. बात ढोखरा पंचायत के मलिकडीह गांव की है. गांव के ही संजय कुमार का दस साल का बेटा करण महतो राजकीय मध्य विद्यालय ढोखरा गुरुवार को भी पढ़ने गया था. वो चौथी कक्षा का छात्र था. जब शाम को वो घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू हुई. जब लोग स्कूल के पास एक डोभा के निकट गए तो बच्चे का शव देख अवाक रह गए.
बताया जा रहा कि मिड डे मील खाने के बाद वो अपनी थाली धोने डोभा गया था. आशंका है कि पैर फिसलने से वो उसमें डूब गया. सवाल उठता है कि स्कूल शिक्षक ने उसकी खोज क्यों नहीं की. अगर ऐसा किया जाता तो उस बच्चे को बचाया जा सकता था.
जब रात को शोर-हंगामा होने लगा तो पुलिस तक खबर पहुंची. पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की बहुत कोशिश की, यहां तक बच्चे के परिजनों को मुआवजा के तौर पर 4 लाख दिलवाने का आश्वासन तक दिया, लेकिन लोग नहीं माने. और रात भर बच्चे के शव को स्कूल परिसर में ही रखा. हांलाकि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एस एन एम एम सी एच भेजा गया.
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लापरवाही का आरोप
फिलहाल पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है कि बच्चा स्कूल से कैसे निकला और दो ढोभा तक कैसे पहुंचा. पार्षद राम जय महतो ने बताया कि उन्हें सूचना मिली की एक बच्चा डोभा में डूब गया है, तो वह वहां पहुंचे और बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अन्य ग्रामीणों का कहना है कि मामले में पूरी लापरवाही स्कूल के शिक्षक की है. ग्रामीणों ने बलियापुर सीओ को भी सूचना दी सीओ आनन-फानन में स्कूल पहुंचे और विधि व्यवस्था को अपने हाथ में लिया. उन्होंने कहा का मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद जो दोषी पाए जाएंगे उस पर कार्यवाही की जाएगी.
रिपोर्ट : शांभवी सिंह, धनबाद
