धनबाद(DHANBAD): झारखंड के चर्चित विधायक जयराम महतो के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी छात्रवृत्ति को लेकर हेमंत सरकार को घेरा है. बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि--- ई-कल्याण छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र शुभम अपनी B.Tech की पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है... पूरे प्रदेश में कई छात्र मेहनत-मजदूरी कर फीस भर रहे हैं, तो कुछ अपने घर के गहने बेचकर किसी तरह पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं.
सरकार क्यों नहीं हो रही संवेदनशील
दुख की बात यह है कि छात्रों की इस गंभीर परेशानी पर सरकार की संवेदनशीलता नजर नहीं आ रही। मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM और कल्याण मंत्री फंड की कमी का हवाला दे रहे है. जब छात्रवृत्ति के लिए फंड नहीं है, तो राज्य सरकार के पास अन्य खर्चों के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं? 100 करोड़ का शीशमहल बनवाने के लिए फंड कहां से आ रहा है? मुख्यमंत्री के लिए लैंड क्रूजर और अफसरों के महंगी-महंगी गाड़ियां खरीदने के लिए करोड़ों रुपया कहां से आ रहा है?हेमंत जी, यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। छात्रवृत्ति के मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाना बेहद आवश्यक है.
छात्र आर्थिक तंगी से पढ़ाई छोड़ने को हुए मजबूर
आपसे आग्रह है लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान करें, ताकि शुभम जैसा कोई अन्य छात्र आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर न हो. झारखंड में छात्रवृत्ति भुगतान नहीं होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. छात्रों को परेशानी हो रही है. पढ़ाई बाधित हो रही है. छात्र लगातार भुगतान की मांग कर रहे हैं. नेताओं के घर -दरवाजे तक पहुंच रहे हैं. सरकार पर तरह-तरह के दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो