✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

सारंडा जंगल बना हाथियों का कब्रगाह: IED ब्लास्ट में घायल दंतेल हाथी की जिंदगी पर मंडरा रहा खतरा

BY -
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Rohit Kumar Sr. Correspondent
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: May 5, 2026, 5:15:46 PM

चाईबासा (CHAIBASA): सारंडा जंगल में आईईडी ब्लास्ट में घायल हुए दंतेल नर हाथी का इलाज तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन उसका रेस्क्यू वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. घने जंगल और ऊबड़-खाबड़ भूभाग के कारण राहत टीम मौके तक भारी मशीनरी या वाहन नहीं पहुंचा पा रही है. ऐसे में वन विभाग को जंगल के भीतर ही उपचार की व्यवस्था करनी पड़ रही है. घायल हाथी के आगे के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई है और वह पूरी तरह से टूट चुका है.जिससे उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और मौके पर ही दवाइयों के साथ प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है. साथ ही हाथी के लिए भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि वह कमजोर न हो. सारंडा के डीएफओ अभिरूप सिन्हा ने बताया कि जिस स्थान पर हाथी मौजूद है, वहां किसी भी प्रकार के वाहन का पहुंचना संभव नहीं है. यही वजह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं और फिलहाल जंगल में ही हाथी के इलाज किया जा रहा है. 

घायल हाथी पर ग्रामीणों की पड़ी थी नजर 
सोमवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के कोलबोंगा गांव के पास स्थित जंगल में घायल हाथी पर ग्रामीणों की नजर पड़ी थी. हाथी के पैर में गहरे जख्म थे और वह चल फिर नहीं पा रहा था. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. हाथी को एक तालाब नुमा गड्ढे में घायल अवस्था में देखा गया था. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जख्म करीब एक सप्ताह  पुराना है. वह आईईडी विस्फोट में घायल हुआ है.

क्या घायल हाथी को बचा पाएगा विभाग
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग इस बार घायल हाथी को बचा पाएगा. क्योंकि अब तक आईईडी ब्लास्ट में जितने भी हाथी सारंडा में घायल मिले है, उन हाथियों की मौत हो चुकी है. सारंडा जंगल अब हाथियों के लिए कब्रगाह बन गया है. पिछले एक साल में आईईडी ब्लास्ट में यहां 5 हाथियों की मौत हो चुकी है. इलाज के अभाव में हाथियों की जान गई. अब यह छठा मामला है, जिसमें वन विभाग के पास हाथी को बचाने की चुनौती बनी है. आशंका है कि जहां हाथी घायल मिला है, वहां और भी आईईडी बिछाए गए है.

Tags:IED blast in sarandaChaibsaPaschim singhbhumSarandaElephant newsForest department jharkhandJamshedpurJharkhandJharkhand news

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.