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संजीव सिंह का रांची प्रवास : कार्यक्रम तो एक बहाना है,असली मकसद क्यों और कैसे कद बढ़ाना है

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 16, 2026, 3:09:44 PM

धनबाद(DHANBAD): धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह फिलहाल रांची में हैं.  वह रविवार को रांची पहुंचे हैं. क्षत्रिय  महासभा में हिस्सा लिया, साथ ही विधायक पत्नी रागिनी सिंह के रांची स्थित आवास के गृह प्रवेश में भी शामिल हुए.  सोशल मीडिया पर कई तस्वीर सामने आई है, जिसमें संजीव सिंह और उनकी पत्नी भाजपा के कई नेताओं का स्वागत करते दिख रहे हैं.  कहा तो यही जा रहा है कि यह तो एक बहाना है, दरअसल संजीव सिंह भाजपा में अपनी जीत के बाद की प्रतिक्रिया जानने और समझने  रांची में  कैंप कर रहे हैं.  

पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह ने क्या कहा 

पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह ने रांची में एक मीडिया से बात करते हुए कहा है कि संजीव सिंह की जीत ने भाजपा को भी यह सोचने को मजबूर कर दिया है- कि निर्णय अगर गलत हुआ, तो जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।  वह अलग होकर मतदान करेगी।  दरअसल, धनबाद के चुनाव में संजीव सिंह भाजपा की ओर से प्रबल दावेदार थे, लेकिन उन्हें भाजपा का समर्थन नहीं मिला।  भाजपा ने संजीव अग्रवाल को अपना समर्थन दिया, फिर भी संजीव सिंह चुनाव मैदान में डटे रहे और समर्थकों को एकजुट  करते रहे.  नतीजा हुआ की भारी मतों से संजीव सिंह की जीत हो गई और भाजपा समर्थित उम्मीदवार चौथे नंबर पर चले गए.  

लोदना में विवाद पर संजीव सिंह की बोली बता रही थी कि 

बता दें कि  चुनाव के कुछ दिन पहले लोदना  में एक विवाद हुआ था.  उस विवाद में संजीव सिंह ने कहा था कि कोयला मजदूरों की शर्त पर किसी को राजनीति नहीं करने दी जाएगी।  जिसको राजनीति करनी है, वह धनबाद जाए.  उनका इशारा कोयला कारोबारी एल बी  सिंह की ओर था.  उन्होंने नाम भी लिया  था और कहा था कि वह उनके गांव के हैं, बावजूद उन्हें कोयला मजदूरों के साथ राजनीति करने नहीं देंगे।  उसी दिन से यह बात लगभग स्पष्ट हो चली थी कि संजीव सिंह मेयर का चुनाव लड़ेंगे।  हालांकि इसकी घोषणा उन्होंने अंतिम समय में की.  उसके पहले वह पार्टी की  प्रतिक्रिया जानना चाह रहे थे.  

भाजपा पूरी बात समझने में चूक गई ,फिर हु क्या 

भाजपा को ऐसा लग रहा था कि संजीव सिंह मेयर का चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन हुआ इसके ठीक उलट.  यह  अलग बात है कि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी मेयर के चुनाव में हस्तक्षेप किया बावजूद बात बनी नहीं और संजीव सिंह मैदान में डटे रहे.  धनबाद भाजपा में भी कई तरह की राजनीति हुई, संजीव सिंह के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया और यह प्रयोग कोई छोटा-मोटा नेता  नहीं किया।  बावजूद संजीव सिंह अपने अभियान में लग रहे और चुनाव जीतकर विरोधियों को करारा जवाब दे दिया है.  

18 मार्च को धनबाद में डिप्टी मेयर का होना है चुनाव 

अब सवाल है कि धनबाद से रांची तक संजीव सिंह अपनी गतिविधि बढ़ाने की कोशिश में है.  यह  अलग बात है कि चर्चा कई तरह की है.  कोई कह रहा है कि जदयू उन पर डोरा  डाल रहा है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि संजीव सिंह भाजपा में ही रहेंगे और नगर निगम चुनाव में मिली जिम्मेवारियों को सही ढंग से निभाकर अपनी राजनीतिक कद को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।  रांची में भाजपा के भीतर बह रही हवा  को जानना इसी का एक प्रयास हो सकता है.  रविवार को संजीव सिंह ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था.  कहा था प्रिय धनबाद वासितो -- मैं अपने एक निजी काम के लिए तीन दिनों तक रांची में रहूंगा, इस सूचना के भी कई राजनीतिक माने  निकाले  जा रहे है. 18 मार्च को धनबाद में डिप्टी मेयर का चुनाव भी है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadJharkhandRanchiSanjeev singhPolitics

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