धनबाद (DHANBAD): पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने आरोपियों का सफाई बयान दर्ज किया. संजीव सिंह से 38 मिनट तक न्यायाधीश ने कुल 9 सवाल पूछे. संजीव सिंह के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद में अदालत से निवेदन किया कि संजीव सिंह को लिखित में अपना सफाई बयान देने की अनुमति दी जाए , जिसका विरोध अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा ने किया.
सभी ने खुद को निर्दोष बताया
अदालत ने इसे नकारते हुए बयान दर्ज करने का फैसला किया. धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में सुनवाई दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई. सबसे पहले संजीव सिंह का बयान दर्ज किया गया. इसके बाद रोहित सिंह का बयान दर्ज किया गया. अंत में विनोद सिंह का बयान दर्ज किया गया. सभी ने खुद को निर्दोष बताया और झूठा आरोप लगाकर मुकदमे में फंसाने की बात कही. अब तक इस मामले में कुल 8 आरोपितों का सफाई बयान दर्ज किया जा चुका है, अदालत ने अमन सिंह ,पंकज सिंह एवं सागर सिंह का बयान दर्ज करने के लिए 18 जुलाई की तारीख निर्धारित की है. अदालत ने संजीव से पूछा कि 23 मार्च '17 को शाम 7:00 बजे सभी आरोपियों ने एकमत होकर साजिश रची. संजीव सिंह ने कहा कि गलत है.
अदालत ने क्या पूछा
कोर्ट ने पूछा कि स्टील गेट के समीप फॉर्च्यूनर गाड़ी ,जिसमें नीरज सिंह के साथ मुन्ना तिवारी,अशोक यादव बैठे थे , गाड़ी घोल्टू महतो चला रहा था, स्पीड ब्रेकर के पास गाड़ी की गति धीमी होते ही गाड़ी को घेर लिया गया तथा अत्याधुनिक हथियार पिस्टल, कारबाईन से गोली मारकर चारों की हत्या कर दी गई. आदित्य राज को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया और मोटरसाइकिल पर पिंटू सिंह के साथ हथियार लेकर हमलावर भाग गए. इसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा -आरोप गलत है. घटना के वक्त वह झरिया विधानसभा के विधायक थे. सरकार ने उन्हें धनबाद जिला बल के चार जवान एवं एक हवलदार की सुरक्षा दी थी. साथ ही जैप के 6 जवान और एक हवलदार उनकी सुरक्षा में तैनात थे. उन सभी जवानों के साथ वह घटना के समय ,घटना के पहले और घटना के बाद में भी अपने आवास सिंह मेनशन में थे. .
चुनावी राजनीति बनी हत्या की वजह
न्यायाधीश ने संजीव से पूछा कि गवाह एकलव्य सिंह ने अपने बयान में कहा है कि विधानसभा चुनाव में नीरज सिंह ने संजीव सिंह को कड़ी टक्कर दी थी , नीरज सिंह जनता मजदूर संघ के संयुक्त महामंत्री थे ,वह काफी लोकप्रिय थे वह लोगों के आंख के तारे थे और आपकी आंख में कांटे की तरह चुभ रहे थे. उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी. इसी कारण से आपने उनकी हत्या करवाई , इसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा कि यह सरासर झूठा आरोप है , मैंने चुनाव 34 हजार वोटों से जीता था. न्यायाधीश ने संजीव सिंह से फिर पूछा कि नीरज सिंह संपत्ति की बात करने के लिए कुंती निवास गए थे और कुंती सिंह से बात कर रहे थे, इसी बीच में आप आ गए और उग्र हो गए. जिस कारण आपके व्यवहार से नाखुश होकर नीरज सिंह वापस चले गए थे. राजनितिक प्रतिद्वंदिता और अदावत के कारण आपने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नीरज सिंह की हत्या करवा दी , इसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा कि उनके बीच में कोई संपत्ति और पारिवारिक विवाद नहीं था. यह सरासर गलत बात है. न्यायाधीश ने संजीव सिंह से पूछा कि घटना स्थल पर आप घटना के वक्त अन्य आरोपियों के साथ मौजूद थे ,हत्या हो जाने के बाद आप पिंटू सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर हथियार के साथ सिंह मेंशन भाग गए , जिसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा कि यह झूठा आरोप है. पुलिस ने अनुसंधान के बाद कोर्ट को सौंपे चार्जशीट में मुझे घटनास्थल पर नहीं बताया ,न हीं यह कहा है कि मैं मोटरसाइकिल से भागा. न्यायाधीश ने संजीव सिंह से छठा सवाल करते हुए पूछा कि गवाहों ने बताया है कि घटना के दिन आप के इशारे पर महंत पांडे ,गया सिंह ,कुर्बान अली, रोहित सिंह ,अमन सिंह, सागर ने पिस्टल व कार्बाइन से अंधाधुंध गोली चलाकर नीरज सिंह व अन्य की हत्या कर दी. ,आदित्य को गोली मारकर जख्मी कर दिया.
"चल हो संजीव भईया सब मर गईल"
उसके बाद शूटरों ने आपसे कहा "चल हो संजीव भईया सब मर गईल" ,इसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा कि यह आरोप सरासर गलत है. व्यक्तिगत तौर पर मैं केवल संजय सिंह एवं धनंजय सिंह को ही जानता हूं ,अन्य को मैं जानता तक नहीं हु. गया सिंह और महंत पांडे इस मामले में चार्जशीटेड नहीं है. न्यायाधीश ने संजीव सिंह से पूछा कि अभिषेक सिंह का यह बयान है कि आप पिंटू सिंह के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे ,रास्ते में उसे रुकने का इशारा किया और कहा कि तुम्हारे भाई को मार दिए है. अब तुम लोगों की बारी है. इसके जवाब में संजीव सिंह ने कहा कि यह आरोप गलत है. पिंटू सिंह से उसका आज तक कोई संपर्क नहीं रहा ,मैं उसे जानता भी नहीं हू , कोर्ट द्वारा यह पूछे जाने पर कि हत्या में शामिल अन्य लोगों के साथ मोबाइल से संपर्क स्थापित हुआ है ,मोबाइल सीडीआर से यह पता चलता है कि आप हत्या की घटना में उनकी मदद करने में शामिल थे और आप के इशारे पर ही हत्या की गई , संजीव सिंह ने कहा यह गलत है.
उनके मोबाइल से किसी आरोपियों से संपर्क स्थापित नहीं हुआ है और ना ही अभियुक्तों से कभी बातचीत हुई है. अंत में अदालत ने पूछा कि सफाई में उन्हें क्या कहना है, इस पर संजीव सिंह ने कहा कि सूचक अभिषेक सिंह और उनके परिवार के लोग उनसे रंजिश रखते थे. इसी कारण से सूचक और उसके परिवार के लोगों ने कांड के अनुसंधानकर्ता के साथ षड्यंत्र कर मुझे इस मामले में झूठा फंसाया है.
