साहिबगंज(SAHIBGANJ):साहिबगंज जिले के राजमहल की पहाड़ियों पर स्थित सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बिन्दुवासिनी मंदिर एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है.यहां स्थापित पवन पुत्र हनुमान के पदचिन्ह को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.दूर-दराज से आने वाले भक्त इस पवित्र स्थान के दर्शन कर अपने जीव न में सुख-समृद्धि की कामना कर रहे है.
हनुमान के पदचिन्ह पर आदिवासियों की बढ़ी आस्था
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार,त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम की सेवा करते हुए पवन पुत्र हनुमान इस क्षेत्र से गुजरे थे,उसी दौरान उनके चरणों का स्पर्श इस पवित्र भूमि पर हुआ,जिसके चिन्ह आज भी मंदिर परिसर में मौजूद है.इन पदचिन्हों को चमत्कारी और दिव्य माना जाता है,जिनके दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की आस्था है.आगे आपको बता दें कि मंदिर परिसर में स्थापित इस पद चिन्ह के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।विशेष रूप से मंगलवार और शनि वार को यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है.पूजा-अर्चना के साथ-साथ श्रद्धालु यहां प्रसाद चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करते है.
वर्षों से यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
स्थानीय पुजारियों का कहना है कि वर्षों से यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का अनुभव साझा करते है.मंदिर परिसर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण लोगों को मानसिक शांति भी प्रदान करता है.प्रशासन द्वारा भी इस धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं,ताकि बाहर से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.बिन्दुवासिनी मंदिर ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि साहिबगंज जिले की सांस्कृति क और आध्यात्मिक विरासत को भी दर्शाता है.यहां स्थित बाबा बजरंगबली के पदचिन्ह इस स्थल की महत्ता को और भी बढ़ाते है.
रिपोर्ट-साहिबगंज ब्यूरो