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दुखद! झारखंड के प्रवासी मजदूर की मुंबई में मौत, गांव में पसरा सन्नाटा

दुखद!  झारखंड के प्रवासी मजदूर की मुंबई में मौत, गांव में पसरा सन्नाटा

बोकारो(BOKARO):झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. एक दुखद घटना बोकारो जिले से सामने आई है. जहां नावाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गोनियाटो के मजदूर की मुंबई में मौत हो गयी. वहीं इसकी खबर सुनने के बाद परिवार में गमगीन माहौल है.

कपड़ा मिल में काम करता था सनु महतो 

 मिली जानकारी के अनुसार नावाडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गोनियाटो निवासी 36 वर्षीय सनु महतो की मुंबई के कल्याण में कपड़ा मिल में मजदूरी का काम करता था. जहां आज उसकी मौत हो गई. मृतक अपने पीछे अपने चीन बच्चों को छोड़ गया है. जिसमे एक 15 साल की बेटी पूनम कुमारी, 12 साल का बेटा अमन कुमार और 8 साल का बेटा संदीप कुमार शामिल है.

बेरोजगारी के तड़पाये लोग समा रहे है मौत के मुंह में

इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट करते हुए करते हुए कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है. रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की आये दिन मौत की खबर सामने आती रहती है. हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है.

कभी-कभी मौत के हफ्तों बाद लाश आता है घर

आपको बता दे कि प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद बोकारो, गिरिडीह और  हजारीबाग जिले से है, जो रोजी कमाने के लिए दूसरे जगहों में जाते है. अपना घर छोड़कर परदेस गये इन मजदूरों की जिंदगी तो कष्ट में बीतती ही है, मौत के बाद भी उनकी रूह को चैन नसीब नहीं होती है. कभी-कभी तो लाश हफ्ते भर बाद आती है, ऐसे में सरकार को रोज़गार की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए,जिससे मजदूरो का पलायन रोका जा सके.

रिपोर्ट-संजय कुमार

Published at:12 Sep 2023 11:55 AM (IST)
Tags:Sad! Then migrant laborers from Jharkhand die in Mumbaiknow why people suffering from unemployment are dying.migrant laborersJharkhandMumbaipeople suffering from unemploymentunemployment
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