धनबाद(DHANBAD): रिटायरमेंट के बाद ही सही, लेकिन आ गए हैं एसीबी के जाल में .पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार सांसद रही प्रोफेसर रीता वर्मा का 16 साल तक बॉडीगार्ड रहे लालेश्वर के खिलाफ एसीबी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. धनबाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने उस पर आय से अधिक संपत्ति बनाने की प्राथमिकी दर्ज की है. धनबाद रेल जिला में एएसआई रहते हुए पिछले साल वह सेवानिवृत्त हुआ है. एसीबी की प्राथमिकी के मुताबिक लालेश्वर सिंह ने आय से करीब सवा करोड़ रुपए की अधिक संपत्ति अर्जित की है. 2016 से ही एसीबी लालेश्वर की संपत्ति की जांच में जुटी हुई थी. 11 फरवरी 19 को उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर ब्यूरो की टीम ने डिटेल्स जुटाना शुरू किया .2020 में एसीबी के तत्कालीन एसपी ने 191 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी थी. जिसमें लालेश्वर की अकूत संपत्ति का खुलासा किया गया था. उसके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर गुरुवार को एफ आई आर दर्ज की गई. जांच में धनबाद के हीरापुर कोल बोर्ड कॉलोनी में उसका आलीशान मकान मिला है. वह बिहार के पूर्वी चंपारण का मूल निवासी है. धनबाद से लेकर पूर्वी चंपारण तक उसकी संपत्ति खंगाली गई है. देखना है इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, हालांकि यह मामला कोयलांचल में चर्चे में है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
