गुमला : भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुमला जिले में देशभक्ति, अनुशासन और उत्साह का वातावरण देखने को मिला. जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन अल्बर्ट एक्का स्टेडियम गुमला में किया गया जिसमें झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. मुख्य अतिथि द्वारा परेड की सलामी ली गई तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर संविधान लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के प्रति सम्मान प्रकट किया गया.
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में समस्त जिलावासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को शत-शत नमन किया. उन्होंने कहा कि गुमला की धरती वीर सपूतों की भूमि रही है जहाँ से लांस नायक परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का, जतरा टाना भगत, तेलंगा खड़िया, बख्तर साय जैसे महान क्रांतिकारियों ने देश की आजादी और अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया. उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों का साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
इतिहास को समझने की आवश्यकता
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि स्वतंत्रता के 77 वर्षों के बाद भी हमें मानसिक गुलामी से बाहर निकलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इतिहास को समझना आवश्यक है कि स्वतंत्रता और गणतंत्र किन संघर्षों और बलिदानों के बाद प्राप्त हुआ. आज भारत विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है जो हमारे लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे की मजबूती का प्रतीक है.
गणतंत्र का अर्थ जनता का शासन
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गणतंत्र का वास्तविक अर्थ जनता का शासन है, जिसमें सरकार जनता के लिए, जनता के द्वारा और जनता के प्रति जवाबदेह होती है उन्होंने बताया कि विश्व के कई देशों में कहीं राजतंत्र है तो कहीं केवल जनतंत्र जबकि भारत में संतुलित शासन व्यवस्था है जो समानता, स्वतंत्रता और न्याय पर आधारित है. उन्होंने कहा कि अवसर योग्यता और क्षमता के आधार पर मिलना चाहिए न कि वंशानुगत व्यवस्था के आधार पर.
संविधान निर्माताओं और झारखंड आंदोलन के नेतृत्व को किया स्मरण
मंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और संविधान के प्रारूपकर्ता बी.एन. राव के योगदान को नमन करते हुए कहा कि संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिए हैं. साथ ही उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और नेतृत्व को स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से झारखंड राज्य को नई पहचान और दिशा मिली.
शिक्षा को बताया विकास की सबसे बड़ी कुंजी
अपने संबोधन में मंत्री ने शिक्षा को राज्य का सबसे बड़ा हथियार बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग सेंटर्स की शुरुआत की जाएगी जहाँ आईएएस, आईआईटी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें क्योंकि शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है.
विभिन्न विभागों की झांकियों ने दिया जनकल्याण का संदेश
समारोह के दौरान जिले के विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया. जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पेयजल और जल जांच, स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी जांच और अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश, सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा मैया सम्मान योजना से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया, समाज कल्याण विभाग द्वारा बाल विवाह मुक्त समाज का संदेश, स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अबुआ आवास योजना, पुलिस विभाग द्वारा साइबर जागरूकता और 1930 हेल्पलाइन, झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत आत्मरक्षा प्रशिक्षण और मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में नामांकन से जुड़े प्रदर्शनी का आयोजन, जिला कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति और साइकिल वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा मिट्टी जांच तथा मत्स्य पालन जैसे बिंदुओं पर सभी का संदेशदीय गया, वन प्रमंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण तथा जिला परिवहन कार्यालय द्वारा सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा का संदेश प्रस्तुत किया गया.
झांकी एवं परेड प्रतियोगिता में विजेताओं को मिला सम्मान
झांकी प्रतियोगिता में जिला परिवहन कार्यालय को प्रथम, वन विभाग को द्वितीय और कल्याण विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ. परेड प्रदर्शन में आईआरबी की टुकड़ी प्रथम, डीएपी महिला बल द्वितीय तथा गृह रक्षा वाहिनी तृतीय स्थान पर रही.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के 15 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया.
शांति, अनुशासन और विकास में सहभागिता की अपील
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि ने जिलेवासियों से शांति, अनुशासन और विकास में सहभागी बनने की अपील की तथा गुमला को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श जिला बनाने का आह्वान किया.
समारोह में उपायुक्त गुमला प्रेरणा दीक्षित, पुलिस अधीक्षक गुमला हारिस बिन ज़मां, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, एसएसबी कमांडेंट सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी एवं बड़ी संख्या में जिले के नागरिक उपस्थित रहे. गुमला जिला प्रशासन जनहित एवं विकास के लिए सतत प्रतिबद्ध है.
