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धनबाद के एक साधारण चप्पल के" विशेष" बनने की कहानी पढ़िए कैसे पहुंच गई PMO तक, यूनियन भी आखिर क्यों उतार फेंका है घूंघट, पूरा डिटेल्स पढ़िए इस रिपोर्ट में

धनबाद के एक साधारण चप्पल के" विशेष" बनने की कहानी पढ़िए कैसे पहुंच गई PMO तक, यूनियन भी आखिर क्यों उतार फेंका है घूंघट, पूरा डिटेल्स पढ़िए इस रिपोर्ट में

धनबाद (DHANBAD): रेल अस्पताल के कर्मचारी का कपड़ा उतरवाने का मामला तूल पकड़ लिया है. रेल मंत्री तक तो यह शिकायत पहुंच ही गई है, लेकिन अब यह मामला पीएमओ तक पहुंच गया है. देखना है कि आगे इस पर क्या होता है. बता दें कि जिस कर्मचारी का कपड़ा उतरवा या गया था, उसका इलाज धनबाद के अशर्फी अस्पताल में चल रहा है. वह अभी भी अवसाद की हालत में है. बहुत कुछ बोलने की हालत में नहीं है. इस बीच यह मामला रेल मंत्री के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है.

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने किया ट्वीट

बता दें कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को ट्वीट कर धनबाद की घटना पर दुख जताया. बाबूलाल मरांडी के ट्वीट को किसी ने पीएमओ को री ट्वीट कर दिया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी से भी इसकी शिकायत की गई है. ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई है.

इधर, बसंत उपाध्याय का पूरा परिवार कई तरह की आशंकाओं से घिर गया है. पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है. उनकी पत्नी का कहती है कि मेरे पति बेकसूर हैं. आज तक किसी ने उनसे ऊंची आवाज में बात नहीं की. उन्हें इस बात का भी दुख है कि कोई भी रेल अधिकारी मिलने नहीं आया. हालांकि रेल कर्मियों ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया है. इधर ,रेल अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. आपकों बता दें कि 22 जून को डॉक्टर निशा अग्रवाल से इलाज कराने डीआरएम की पत्नी पहुंची थी. गेट पर खड़े बसंत उपाध्याय ने इतना भर कहा कि मैडम चप्पल उतार कर चेंबर में जाइए. बस यही बसंत उपाध्याय की गलती थी. उसके बाद उन्हें डीआरएम कार्यालय बुलाकर बरामदे पर उनका कपड़ा खुलवाया गया था. हालांकि रेल प्रबंधन बार-बार कह रहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है.  पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी रेल मंत्री को ट्वीट कर कहा है कि यह बहुत ही निंदनीय काम है. अधिकारियों की ऐसी कारवाई समाज में नौकरशाही के प्रति बहुत विघटन अविश्वास पैदा करेगी. ऐसे मामले राजनीतिक नहीं होते. यह सीधा अहंकार और खुद को शक्तिमान मानने का मामला है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि उन्हें भरोसा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी.

हालांकि दो दिन बाद ही सही ECKRU के

केन्द्रीय अध्यक्ष डी के पाण्डेय के दिशा निर्देश पर अपर महामंत्री एवं धनबाद मंडल पी एन एम प्रभारी मो ज़्याऊद्दीन रविवार को केन्द्रीय पदाधिकारियों तथा धनबाद के शाखा सचिवों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ अशरफी अस्पताल जाकर पीड़ित बसंत उपाध्याय तथा उनके परिवार जनों से मिले. उनसे घटना और स्वास्थ्य की जानकारी ली. मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि पीड़ित कर्मचारी अपने साथ हुए इस प्रकार के व्यवहार से मानसिक रूप से काफी आहत है. मानसिक संताप के कारण उसकी तबियत बिगड़ गई. उन्होंने बताया कि घटना के दिन एक जांच प्रक्रिया के लिए वे चोपन में थे तथा अध्यक्ष पटना में एक बैठक में थे. उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी तुरंत ईसीआरकेयू के केन्द्रीय अध्यक्ष  डी के पांडेय तथा महामंत्री  एस एन पी श्रीवास्तव को दी गई. दोनों नेतृत्व ने सबसे पहले बीमार उपाध्याय को संभालने के निर्देश दिए और बताया कि इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर वार्ता की जा रही है. तबतक धनबाद में ईसीआरकेयू के सदस्यों ने त्वरित सक्रियता के साथ उपाध्याय को बेहतर इलाज के लिए अशरफी अस्पताल भिजवाया.

केन्द्रीय अध्यक्ष ने इस घटना को बताया दुखद 

उधर केन्द्रीय अध्यक्ष ने इस घटना को  दु:खद बताया है. उनके दिशा निर्देश पर यूनियन के सक्रिय सदस्यों के साथ मो ज़्याऊद्दीन अपर महामंत्री, सहायक महामंत्री ओमप्रकाश तथा केन्द्रीय कोषाध्यक्ष ओ पी शर्मा धनबाद मंडलीय अस्पताल पहुंचे और मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों से मिलकर उनकी चिंता दूर करने का प्रयास किया. उन्होंने कर्मियों को उचित सम्मान के साथ न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया. साथ ही उन्होनें यह भी कहा कि सभी भयमुक्त होकर अपनी डियूटी करें. ईसीआरकेयू रेलकर्मियों के सुख-दुःख में हमेशा भागीदार रहा है. आगे भी अपनी इस नैतिक जिम्मेदारी का पूरे समर्पण के साथ निर्वहन करेगा.

घटना के प्रति यूनियन के सदस्यों ने जताया आक्रोश

इसके बाद दोपहर को ईसीआरकेयू धनबाद वन शाखा में यूनियन के सदस्यों की आपात बैठक में उपस्थित सदस्यों ने घटना के प्रति अपना कड़ा आक्रोश जताया तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की. भविष्य में किसी भी रेलकर्मी के साथ ऐसा व्यवहार न हो इसके लिए रेल प्रशासन को संयमित रहने की भी आवश्यकता बताई गई. सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि बसंत उपाध्याय को उनके कर्तव्य निष्ठा के लिए इस प्रकार प्रताड़ित किए जाने की जगह पर पुरुस्कृत किया जाना चाहिए था.पीड़ित रेलकर्मी सहित सभी विभागों के रेलकर्मियों को सम्मान और न्याय दिलाने के लिए  ईसीआरकेयू के सभी सदस्यों ने सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया कि केन्द्रीय अध्यक्ष द्वारा जो भी निर्देश मिलेगा  उसका अक्षरशः पालन किया जाएगा.

 

इस कार्यक्रम में तापस साहु, ए के दा,उपेन्द्र मंडल,बसंत दूबे, एन के खवास,सोमेन दत्ता,बी के झा, आई एम सिंह,नेताजी सुभाष,बी के साव,पिंटू नंदन,भानु प्रताप,शिव जी प्रसाद,राजीव कुमार,परमेश्वर कुमार,एस मंदेश्वर राव,मंटू सिन्हा,सी एस प्रसाद,कुंभकार,संतोष कुमार, विश्वजीत,इस्लाम अंसारी,अजय सिंह,सुदर्शन,रूपेश कुमार,मो शब्बीर,चांद कैफी,बी बी असद,सुरेन्द्र,विद्याभूषण,निवास शर्मा तथा अनेकों सक्रिय कार्यकर्ताओं ने सहभागिता दी.

रिपोर्ट. धनबाद ब्यूरो

Published at:25 Jun 2023 06:25 PM (IST)
Tags:Read the storyof an ordinary slipperof Dhanbad becoming "specialhow it reached the PMOwhy the union hasalso thrown off the veilread full detailsin this report
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