रांची (RANCHI): राजधानी रांची में ट्रैफिक नियमों के प्रति लापरवाही लगातार चिंता का विषय बनी हुई है. हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक वर्ष में ट्रैफिक पुलिस ने करीब 84 करोड़ रुपये का चालान काटा है. आंकड़े साफ बताते हैं कि शहर के लोग अब भी नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, बीते एक साल में लगभग 10 लाख लोगों के खिलाफ ट्रैफिक उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए, जिनसे करीब 80 करोड़ रुपये से अधिक का चालान वसूला गया. बावजूद इसके सड़कों पर नियमों की अनदेखी थमने का नाम नहीं ले रही है. ट्रैफिक विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले बिना हेल्मेट गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, तेज रफ्तार और रेड लाइट तोड़ने से जुड़े हैं.
हालांकि हैरानी की बात यह है कि 84 करोड़ रुपये के कुल चालान में से अब तक केवल 10 करोड़ 92 लाख रुपये ही वसूले जा सके हैं. यानी बड़ी संख्या में लोग चालान भरने से भी बच रहे हैं. इस पर ट्रैफिक एसपी ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है. उनका कहना है कि जिन वाहन चालकों पर तीन से अधिक चालान बकाया हैं और वे भुगतान नहीं कर रहे, उनके वाहनों को जब्त किया जाएगा. ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका असर सीमित ही नजर आ रहा है. शहर की सड़कों पर नियम तोड़ना जैसे आम बात बन गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि यह सिर्फ लापरवाही है या फिर नियमों के प्रति खुली अनदेखी. प्रशासन का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ लोगों की सोच में बदलाव जरूरी है, तभी रांची की सड़कों पर व्यवस्था सुधर सकती है और हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है.