रांची (RANCHI): राजधानी के चर्चित डीएवी कपिलदेव स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को महिला नर्स से छेड़खानी और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया है. रांची सिविल कोर्ट में एजेसी अरविंद कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. अब अदालत दोषी करार दिए गए पूर्व प्रिंसिपल की सजा पर शुक्रवार को फैसला सुनाएगी.
इस मामले को लेकर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी. हाल ही में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए मामले में अगली सुनवाई सजा के बिंदु पर तय की है. मामला मई 2022 का है, जब डीएवी कपिलदेव स्कूल में कार्यरत एक महिला नर्स ने तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अशोभनीय मांग करने का आरोप लगाया था. पीड़िता ने इस संबंध में अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मनोज कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया था.
मामले की जांच के दौरान आरोपी को नवंबर 2022 में झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी उस पर दबाव बना रहे हैं और धमकी दे रहे हैं. इसके बाद पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी. हाईकोर्ट ने पीड़िता की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए मनोज कुमार सिन्हा की जमानत रद्द कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिल सकी. अंततः उन्हें अदालत में आत्मसमर्पण करना पड़ा और दोबारा जेल भेज दिया गया.
इस मामले में जांच अधिकारी ने जांच पूरी कर 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद से मामले की नियमित सुनवाई चल रही थी. अब अदालत द्वारा आरोपी को दोषी ठहराए जाने के बाद पीड़िता पक्ष इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है. फिलहाल सभी की नजरें अब अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां दोषी करार दिए गए पूर्व प्रिंसिपल को मिलने वाली सजा तय की जाएगी.