रांची (RANCHI) : राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में हैवानियत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अरगोड़ा इलाके की रहने वाली भारती कुमार पर 11 साल के एक आदिवासी बच्चे के साथ घरेलू उत्पीड़न करने का मामला दर्ज हुआ है. यह बच्चा महिला के घर पर रहकर हाउस हेल्प किया करता था. इस बच्चे से घर का हर एक काम करवाया जाता था. किसी भी काम में हुई देरी के कारण उसके साथ मारपीट की जाती थी. सिर्फ मारपीट ही नहीं गर्म रोड से उसे दागा भी जाता था. उसके शरीर पर गर्म पानी डाल दिया और चाकू से हमला कर उसे आए दिन डराया जाता था. जानकारी के अनुसार एक दिन बच्चे पर चाभी के गुच्छों से वार किया, जिससे बच्चे की दांत तक टूट गई. इस मामले का खुलासा सीडब्ल्यूसी ने किया है.
महिला पर जल्द कार्रवाई करने का निर्देश
प्रताड़ना से तंग आकर बच्चे ने एक दिन पिंजरा तोड़ कर भागने की सोती. बच्चा वहां से निकल तो गया लेकिन सड़कों पर भटकता रहा. इस दौरान अरगोड़ा पुलिस ने बच्चे को देखा. पूछताछ की और ओपन शेल्टर होम को सौंप दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडब्ल्यूसी ने एसएसपी को इसकी जानकारी दी. साथ ही महिला भारती पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने की बात भी कही.
बच्चे के शरीर से मिले 100 से अधिक चोट के निशान
चाइल्ड केयर होम में काउंसलिंग के दौरान बच्चे के शरीर से 100 से अधिक चोट के निशान मिले हैं पीड़ित नाबालिग बच्चे ने अधिकारियों को उस पर हो रहे प्रताड़ना के बारे में सब कुछ बताया. उसने बताया कि वो गोगा गांव का रहने वाला है. 7 साल की उम्र में पढ़ाई के नाम पर उसके मां-बाप ने बच्चे को भारती कुमार को सौंपा था. लेकिन पढ़ाई तो दूर की बात लगातार 5 सालों तक उसे घरेलू काम में झोंक दिया गया. काम में हुई ऊंच-नीच या देरी के कारण उसे हर रोज प्रताड़ित किया जाता था और तो और उसे सही खाना भी नहीं दिया जाता था. बच्चे ने बताया कि मारपीट के अलावा उसे करंट के झटके भी दिए जाते थे. और सोने के लिए उसे छत का एक कोना दिया गया था सर्दी गर्मी या बरसात उसे एक शॉल में ही गुजारा करना पड़ता था.
पहले भी सामने आई है ऐसे घटना
रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से इस तरह की घटना पहले भी सामने आई है. उस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी की पत्नी सीमा पात्रा पर मामला दर्ज किया गया था. जो फिलहाल जेल में अपनी सजा काट रही है. यह मामला साल 2022 के जुलाई महीने का है. इन पर 29 साल की हाउस हेल्प सुनीता पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप था. सुनीता भी एक आदिवासी महिला ही थी. जिससे घर का सारा काम कराया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी. लोहे की रॉड से पीटा जाता था और किसी गलती पर मल मूत्र तक उसे खिला दिया जाता था.
