रांची(RANCHI): आम तौर पर जब लोग मुसीबत में फंसते हैं तो पुलिस को याद करते हैं. पुलिस को बुलाने के लिए डायल 100 का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे ही डायल 100 आप लगाते हैं, तो आपकी कॉल सीधे पुलिस कंट्रोल रूम में लग जाती है. फिर आपसे पुलिस जानकारी लेती है और आपके पास आपकी मदद करने पहुँच जाती है. मगर, अब डायल 100 पुराना हो चुका है. अब डायल 112 की तैयारी चल रही है. जल्द ही झारखंड की राजधानी रांची में इसकी शुरुआत होने जा रही है. झारखंड के ADG ऑपरेशन संजय आनंद लाटकर आज रांची पुलिस कंट्रोल पहुंचे. वहां उनके साथ रांची एसएसपी, ग्रामीण एसपी, वायरलेस एसपी सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
ADG ऑपरेशन ने जानकारी देते हुए बताया कि डायल 100 को डायल 112 के रूप में अपग्रेड की तैयारी चल रही है. डायल 112 को सशक्त बनाने सहित जीपीएस मोनिट्रिंग को सशक्त बनाने सहित कई मुद्दों को लेकर ये बैठक हुई. उन्होंने बताया कि डायल 100 से डायल 112 की सेवा काफी एडवांस है. चलिए अब जानते हैं कि डायल 112 डायल 100 से कैसे एडवांस है.
डायल 100 और डायल 112 में अंतर
डायल 100 और डायल 112 दोनों ही पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर है, जिसके जरिए मुसीबत में पुलिस आपके पास मदद करने पहुंच जाती है. मगर, जानकारी के मुताबिक डायल 100 पर जब आप कॉल करते हैं तो पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा आपसे जानकारी मांगी जाती है कि आप कहां हैं, क्या समस्या है आदि. मुख्य रूप से आपकी लोकेशन आपसे मांगी जाती है और आप कॉल पर उसे बताते हैं. मगर जब डायल 100 को अपग्रेड कर डायल 112 कर दिया जाएगा. तो इसके फीचर भी अपग्रेड हो जाएंगे. डायल 112 पर जब आप कॉल करेंगे तो आपकी कॉल के जरिए सीधे आपका जीपीएस ट्रेस किया जाएगा. आपको डायल 100 के जैसे अपनी लोकेशन बतानी नहीं पड़ेगी. पुलिस खुद आपका लोकेशन ट्रेस करेगी और आपके नजदीकी PCR गाड़ी को वो भेज देगी, इसके लिए pcr गाड़ी में gps ट्रैकर और डिस्प्ले के साथ कई तकनीकी यंत्र भी लगाए जाएंगे. इससे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंच सकेगी.
रिपोर्ट: समीर हुसैन, रांची
