टीएनपी डेस्क(TNP DESK):देश भर में आज रामनवमी धूम धाम से मनाई जा रही है, सभी तरफ रामभक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है.वहीं बात अगर झारखंड की हो तो यहां गजब का उत्साह देखने को मिलता है.जहां रामनवमी पर पूरा माहौल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठता है.रामनवमी के दिन झारखंड के अलग-अलग जिलों में जूलूस निकाला जाता है, लेकिन कुछ जिले ऐसे है जहां की रामनवमी जूलूस पूरे राज्य के साथ देश में फेमस है, जिसमे जमशेदपुर, राजधानी रांची और हजारीबाग शामिल है.
हजारीबाग की रामनवमी देशभर में है प्रसिद्ध
आपको बताये कि हजारीबाग के रामनवमी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है, जहां रामनवमी के मौके पर अद्भूत झांकिया निकाली जाती है.जिसमे हजारों लोग शामिल होते है, और विशाल पताके के साथ पूरे जिले में भ्रमण कराया जाता है.वहीं झांकियों की सबसे खास बात भगवान प्रभू श्रीराम लक्षमण माता सीता और महावीर हनुमान की जीवंत रुप देखने को मिलते है जिसमे छोटे-छोटे बच्चे भगवान का रुप धारण करके झांकी में शामिल होते है, जिसे देखना आँखों को सूकून देता है.वहीं जूलूस और अखाड़ों को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किया जाते है, ताकि भीड़ को कंट्रोल किया जा सके.
जय श्रीराम के नारों से गूंज उठता है पूरा शहर
वहीं अगर राजधानी रांची की करें तो यहां भी दोपहर एक बजे के बाद पूरा माहौल बदल जाता है, जहां जूलूस निकलते ही पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है, वहीं जूलूस में आकर्षक झांकियों के साथ अस्त्र शस्त्र के साथ राम के भक्त करबत भी दिखाते है, ये सभी जूलूस लाइसेंसी अखाड़ों की तरफ से निकाला जाता है.जिसके सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी होती है.जिसके लिए हजारों की संख्या में पुलिस जवानों की नियुक्ति की जाती है, तो वहीं ट्रैफिक रुट में बदलाव किया जाता है.
लौहनगरी जमशेदपुर की रौनक ही अलग होती है
वहीं बात अगर लौहनगरी जमशेदपुर की जाये, तो यहां रामनवमी के मौके पर फिजा में चारों ओर प्रभू श्रीराम के मारों की गूंज सुनाई देती है, हालांकि जमशेदपुर के विभिन्न अखाड़ों की तरफ से रामवनमी के दुसरे दिन जूलूस निकाला जाता है, ऐसा सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाता है, ताकि जूलूस के दौरान किसी तरह का कोई दंगा फसाद ना हो. आपको बता दे कि जमशेदपुर में बहुत अधिक संख्या में अखाड़े जूलूस लेकर निकलते है, जिसकी वजह से प्रशासन को इस पर खास अलर्ट रहना पड़ता है यहीं वजह है कि पूरे झारखंड में जूलूस निकलने के बाद यहां दुसरे दिन झांकियां निकाली जाती है, ताकि प्रशासन को पर्याप्त संख्या में पुलिस जवानों को नियुक्त किया जा सके है.