रांची (RANCHI): राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी ने झारखंड की जमीनी समस्याओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से साझा किया. उनके हल की दिशा के प्रयास की चर्चा की. राष्ट्रपति ने उन्हें आश्वस्त किया कि जब भी कोई समस्या हो तो उन तक बात पहुंचाई जाए ताकि वह अपने स्तर पर मदद कर सकें. डॉ. माजी आज राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट करने और उन्हें मुबारकबाद देने पहुंची थी. उन्होंने फोन पर बताया कि राष्ट्रपति झारखंड और यहां के आदिवासियों को लेकर भावनात्मक जुड़ाव महसूस करती हैं. राष्ट्रपति से निकलने के बाद माजी ने पार्लियामेंट में महंगाई और जीएसटी की चर्चा में भाग लिया. झारखंड के परिप्रेक्ष्य में अपनी बातें रखीं.
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बता दें कि मैं बोरीशाइल्ला और मरंग घोड़ा नीलकंठ हुआ जैसे चर्चित उपन्यास की रचयिता और कई सम्मानों से समादृत डॉ. महुआ माजी पिछले ही महीने राज्यसभा के सदस्य के तौर पर निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं. लेखन से विराम (हालांकि ऐसा कहना सही नहीं होगा, क्योंकि लेखक कभी चुप नहीं रह सकता) लेने के बाद उनकी सामाजिक सक्रियताओं ने रांची और झारखंड में लोगों का ध्यान खींचा. रांची विधानसभा के दो चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी सिंह को कड़ी टक्कर दी थी. झारखंड महिला आयोग की अगुवाई करते हुए राज्य की महिलाओं को उन्होंने सुरक्षा का एहसास कराया. हज़ारों केस का निष्पादन किया. विदुषी होने के साथ उनका सामाजिक और राजनीतिक अनुभव का लाभ सदन को अवश्य मिलेगा.
