TNP DESK- 4 मई को राज्यों का चुनाव परिणाम आने के बाद झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सक्रियता एक बार फिर बढ़ेगी. वैसे तो अंदरखाने तैयारी पहले से ही चल रही है. लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद यह और तेज होगी,इसकी जमीन तैयार हो रही है.
फिलहाल झारखंड से पांच राज्यसभा सांसद हैं. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद छठी सीट खाली है. अभी झामुमो से महुआ मांझी, सरफराज अहमद राज्यसभा के सदस्य हैं. भाजपा की ओर से डॉक्टर प्रदीप वर्मा, दीपक प्रकाश और आदित्य साहू राज्यसभा सदस्य हैं. इनमें से दीपक प्रकाश का कार्यकाल जून महीने में समाप्त हो रहा है.. ऐसे में 2026 में झारखंड से दो नए राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी. कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के राजू ने संकेत दिए हैं कि 4 मई के चुनाव परिणाम के बाद इंडिया ब्लॉक के सभी दलों के साथ बैठक होगी. उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस के आला कमान के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बैठक हो सकती है.
कांग्रेस चाहती है कि दो सीटों में एक सीट कांग्रेस के खाते में जाए और एक झामुमो के पास रहे. लेकिन झामुमो की कोशिश होगी कि वह दोनों सीट अपनी पार्टी के लिए रख सके. 81 सदस्य झारखंड विधानसभा में झामुमो के 34 ,कांग्रेस के 16, राजद के चार और माले के दो विधायक हैं. मतलब इंडिया ब्लॉक के विधायकों की कुल संख्या 56 हो जाती है .यह संख्या राज्यसभा में अपने दोनों प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त है.
जानकारी के अनुसार राज्यसभा के उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के वोट से जीत दिलाने के लिए 27 मतों की जरूरत होगी और इंडिया ब्लॉक के पास यह संख्या मौजूद है. संख्या बल के बावजूद सवाल किए जा रहे हैं कि क्या 34 विधायक वाली पार्टी झामुमो 16 विधायक वाली पार्टी कांग्रेस को एक सीट देगा. चर्चा तो यही है कि झामुमो को दोनों सीट अपने पास रखने की इच्छा है .ऐसे में अगर कोई बीच का रास्ता नहीं निकला तो फिर एक बार सत्ताधारी इंडिया ब्लॉक में विवाद पैदा हो सकता है .लेकिन यह सब कुछ निर्भर करेगा कि झामुमो रुख क्या होता है.
कांग्रेस जरूर चाहेगी कि उसका भी एक उम्मीदवार झारखंड से राज्यसभा में जाए. झारखंड में अभी गठबंधन की सरकार चल रही है. गठबंधन ने इस बार के चुनाव में 56 सीट जीतकर भाजपा को पीछे धकेल दिया है. वैसे भाजपा भी चुप नहीं रहेगी. उसकी भी नजर झारखंड के राज्यसभा चुनाव पर रहेगी. भाजपा भी चाहेगी कि उसका एक उम्मीदवार राज्यसभा में जाए .दीपक प्रकाश की जगह सीट लेने के लिए भाजपा कोशिश करेगी. लेकिन संख्या बल के हिसाब से इसके लिए तोड़फोड़ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. मतलब साफ है कि झारखंड में दो राज्य सभा चुनाव के लिए लड़ाई इंडिया गठबंधन में भी दिलचस्प होगी तो भाजपा भी अपने उम्मीदवार को दिल्ली भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.
रिपोर्ट धनबाद ब्यूरो