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झारखंड में 20 लाख राशन कार्डधारियों को 7 महीने से नहीं मिल रहा राशन, विधायक अनंत ओझा ने विधानसभा में उठाया सवाल

BY -
Samir Hussain
Samir Hussain
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 11:23:15 PM

रांची(RANCHI): राज्य के सात लाख राशन कार्डधारियों को सात महीने से राशन नहीं मिल रहा है. इस मामले को लेकर आज राजमहल विधायक अनंत ओझा ने विधानसभा में सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में सात महीनों से 20 लाख ग्रीन राशन कार्ड धारक को राशन नहीं मिल रहा है.  जबकि राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2021 से "झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना" लागू किया गया था. इस योजना के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े लाखों लाभुकों को एक रूपये प्रति किलो चावल प्रतिमाह उपलब्ध कराया जा रहा था, जो बन्द हो गया है. जिस कारण उनके समक्ष खाद्यान की समस्या उत्पन्न हो गई. ये सभी 20 लाख हरा कार्डधारी गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग हैं. राज्य की वर्त्तमान महागठबंधन वाली सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है, जिससे वे लोग आक्रोशित है और योजना को फिर से शुरू करवाने के लिए बार-बार पीडीएस डीलरों के यहाँ चक्कर लगा रहे हैं. 

जरूरतमंद लाभुकों के प्रति असंवेदनशील है वर्तमान सरकार

उन्होंने कहा कि बार-बार सरकार द्वारा लाभुकों को यह कहा जा रहा है कि उन्हें अनुदानित दर पर खाद्यान (चावल) उपलब्ध कराने के लिए निविदा के माध्यम से आपूर्तिकर्ता का चयन कर अतिशीघ्र लाभुकों को चावल की आपूर्ति करायी जाएगी, लेकिन आजतक उन लाभुकों को लाभ प्राप्त नहीं हो सका. वर्त्तमान सरकार की ओर से चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में गरीबों को प्रति परिवार अनुदानित दर पर एक किलो दाल देने की योजना शुरू करने के लिए बजटीय प्रावधान की गई थी, लेकिन 11 माह बीत जाने के बावजूद दाल वितरण योजना प्रारम्भ नहीं हो पाई है. इस योजना के तहत प्रति माह लाभुकों को 65 लाख किलो दाल का वितरण करना था, जो आजतक निविदा प्रक्रिया में उलझी हुई है. इससे यह प्रतीत होता है कि वर्त्तमान महागठबंधन वाली सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जरूरतमंद लाभुकों के प्रति असंवेदनशील हो गई है.

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