धनबाद(DHANBAD): धनबाद का राजेंद्र मार्केट ,अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो हेरीटेज बिल्डिंग बन जाएगा. नगर निगम ने इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है. प्रस्ताव की स्वीकृति मिलते ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी. बता दें कि 1963 में धनबाद के बैंक मोड़ में राजेंद्र मार्केट का निर्माण हुआ था. यह उस समय इलाके का पहला मार्केट कंपलेक्स था. कई जिलों के लोग यहां खरीदारी करने आते थे. क्योंकि उस समय कोयलांचल में कोलियारिया निजी खान मालिकों के हाथ में थी. पैसे की कोई कमी नहीं थी , इसलिए लोगों को एक मार्केट परिसर की जरूरत महसूस हुई और धनबाद के ही पूरन लाल चावड़ा, गोविंद राम चावड़ा ,जेठालाल राठौर आदि लोगों ने मिलकर राजेंद्र मार्केट का निर्माण कराया. राजेंद्र मार्केट में अपने समय में काफी ख्याति अर्जित की. दूर-दूर से लोग यहां खरीदारी करने के लिए आते थे. बुजुर्ग बताते हैं कि उस समय कोयलांचल में पैसे की कोई किल्लत नहीं थी. उसी समय की कहावत है कि "कोयलांचल में नोट उड़ते हैं ,पकड़ने वाले को अक्ल होनी चाहिए."
पहले हुआ करता था जंगल
भाजपा नेता हरि प्रकाश लाटा बताते हैं कि जिस जगह पर आज राजेंद्र मार्केट खड़ा है, वहां पर पहले जंगल हुआ करता था और लोग शौच के लिए जाते थे. उसके ठीक सामने कोलियरी मालिक का बंगला था. खरीदारी करने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे. अब जब राजेंद्र मार्केट को हेरीटेज बिल्डिंग घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है तो अब उसके रखरखाव पर भी ध्यान बढ़ेगा. और यह धनबाद के लिए भी गौरव की बात होगी. कोलियारियो के राष्ट्रीयकरण के पूर्व का एक प्रतीक चिन्ह भी ऐसे माना जा सकता है. जीटा के अध्य्क्ष व समाजसेवी राजीव शर्मा से गौरव की बात बताते है. उन्होंने बताया कि धनबाद के एकमात्र बिल्डिंग को हेरिटेज बिल्डिंग माना गया है.
होगी धनबाद के लिए गौरव की बात
आप को बता दें कि हेरीटेज बिल्डिंग यानी पुराने निर्माण को सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम या अन्य कोई सरकारी एजेंसी विशेष ध्यान करती है. हालांकि इसके रखरखाव सुरक्षा की जिम्मेवारी मकान मालिक की होती है लेकिन अब इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव के पूर्व नगर निगम या संबंधित एजेंसी से अनुमति लेनी होगी. धनबाद में तो यह काम निगम ही देखेगा. अमूमन इसके लिए एक कमेटी होती है, जो इस पर निर्णय करती है. लेकिन जानकार बताते हैं कि इस प्रॉपर्टी के क्रय- विक्रय पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी लेकिन उसके लिए निगम या संबंधित एजेंसी से अनुमति लेनी होगी. झारखंड के अन्य जिलों में किसी भवन को हेरिटेज बिल्डिंग घोषित किया गया है अथवा नहीं , यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन राजेंद्र मार्केट को हेरीटेज बिल्डिंग घोषित करने की प्रक्रिया धनबाद के लिए गौरव की बात कही जा सकती है.
