रांची(RANCHI): - मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी पर कुछ स्पष्ट नहीं है.राजभवन के पास चुनाव आयोग की चिट्ठी आई है.चिट्ठी में क्या है. यह राजभवन स्पष्ट नहीं किया है.कहा जाता है कि राज्यपाल इस मुद्दे पर दिल्ली में कानून के जानकारों से विचार विमर्श कर आए हैं.1 सितंबर को राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली चले गए थे. स्वास्थ्य परीक्षण भी कराना एक मकसद था. गुरुवार की शाम राज्यपाल दिल्ली से रांची लौट आए तो एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. इधर सूत्र बताते हैं कि राजभवन सत्ता पक्ष के लोगों के बयान से नाखुश है. यहां तक कि बताया जा रहा है कि एक दिन के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जिस प्रकार से राज्यपाल रमेश बैस पर टिप्पणी की, वह बहुत नाराज करने वाली बताई गई है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था की 2 दिनों की बात कहकर राज्यपाल सुबह-सुबह पिछले दरवाजे से दिल्ली चले गए. वैसे राजभवन से इस प्रकार की कोई जानकारी विज्ञप्ति के माध्यम से नहीं दी गई थी कि 2 दिनों में चुनाव आयोग के पत्र के मद्देनजर जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी. यह तो 31 अगस्त को राज्यपाल से मिलने वाले सत्ता पक्ष के डेलिगेशन में शामिल नेताओं ने कहा था. सूत्र बताते हैं कि राजभवन को मुख्यमंत्री के अलावा सत्ता पक्ष के नेताओं का बयान अच्छा नहीं लगा. राजभवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया था कि इस मामले पर शीघ्र स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी. राज्यपाल किसी भी राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं उनके नाम पर ही लोकप्रिय सरकार काम करती है और राज्यपाल जैसे गरिमामयी पद पर टिप्पणी करना उचित नहीं है.
