✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

Railway News:बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के 8 जिलों में अब और सुगम हो जाएगा रेल परिचालन

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: February 25, 2026, 5:57:45 PM

धनबाद(DHANBAD):   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को  रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दी.  इनमें पुनारख-किऊल तीसरी और चौथी लाइन, गोंदिया-जबलपुर लाइन दोहरीकरण एवं गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं.  महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के 8 जिलों में व्याप्त इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।  प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 5,407 गांवों में संपर्क में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है. 

विदित हो कि रेल यात्रा सुगम हो, साथ ही मालगाड़ी की आवाजाही भी सुगमतापूर्वक किया जा सके ,इसके लिए रेलवे द्वारा रेल आधारभूत संरचना में वृद्धि का कार्य निरंतर जारी है.  इसी कड़ी में 17 हजार करोड़ रूपए की लागत से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-झाझा के मध्य लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है.  जिसमें वर्तमान में डीडीयू से किउल तक तीसरी और चौथी रेल लाईन जबकि किउल से झाझा तक तीसरी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है. 

 इस पूरी परियोजना को कई हिस्सों में बांटा गया है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा चरणबद्ध तरीके से इसकी स्वीकृति प्रदान की जा रही है.  निर्माण कार्य सुगमतापूर्वक तेजी से पूरा करने के लिए इसे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंडों में बांटा गया  है. 

इसके तहत् प्रथम चरण में फतुहा से बख्तियारपुर (24 किमी) तथा बख्तियारपुर से पुनारख (30 किमी) की स्वीकृति रेलवे बोर्ड द्वारा प्रदान कर दी गयी थी, जिसमें बख्तियारपुर-पुनारख निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा । आज 50 किमी लंबे पुनारख से किऊल के मध्य तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी गयी है । शेष रेलखंडों की स्वीकृति विभिन्न स्तर पर प्रक्रियाधीन है ।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-झाझा रेल लाईन का निर्माण 1860-70 के दशक में किया गया था.  तत्पश्चात् इसका दोहरीकरण किया गया.  तब से अब तक कई दशकों के मध्य जनसंख्या वृद्धि एवं औद्योगिकीकरण के मद्देनजर यात्री गाड़ियों के साथ-साथ मालगाड़ियों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि होती चली गयी है.  इसके फलस्वरूप ट्रैकों की क्षमता से कई गुणा अधिक गाड़ियों के परिचालन से ट्रैकों के रख-रखाव एवं समय पालन में कठिनाइयां आती थीं.  इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए ट्रैकों की क्षमता में वृद्धि अति आवश्यक था. 

 इन्हीं के मद्देनजर मालगाड़ियों के परिचालन के लिए  पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर तथा तीसरी एवं चौथी लाइन का निर्माण किया जा रहा है.  इन लाइनों के निर्माण से मालगाड़ी के साथ-यात्री गाड़ियों का परिचालन सुगमतापूर्वक किया जा सकेगा।  साथ ही काफी संख्या में अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।  इससे रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी जो औद्योगिकीकरण वृद्धि में सहायक होगी। यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने दी है. 

Tags:DhanbadRailwayTrackStatesFaide

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.