जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने टाटानगर में यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर रेल प्रशासन पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि आम यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या ट्रेनों का समय पर नहीं चलना है और आंदोलन का उद्देश्य भी यही है. सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विधायक ने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम के निर्देश पर टाटानगर रेलवे स्टेशन के एरिया मैनेजर ने मुझसे मुलाकात की. एरिया मैनेजर ने बताया कि रेल प्रशासन ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. एक चार्ट भी सौंपा गया, जिसमें 13 यात्री ट्रेनों के समय पर खुलने और पहुंचने का उल्लेख है. इसमें साउथ बिहार, टाटा-थावे और स्टील एक्सप्रेस शामिल हैं. रेल प्रशासन के अनुसार, हाल के दिनों में मालगाड़ियों के परिचालन में लगभग 2% की कमी की गई है, ताकि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी सुधारी जा सके. इस पर विधायक ने कहा कि ऐसे आंकड़े प्रशासन की सक्रियता दिखाते हैं, लेकिन इससे आम यात्रियों को राहत नहीं मिलती.
हमें केवल समय पर ट्रेन चाहिए
सरयू राय ने साफ कहा कि उनका मुद्दा मालगाड़ियों की संख्या नहीं, बल्कि यात्री ट्रेनों का समय पर आना-जाना है. चाहे मालगाड़ियां बढ़ें या घटें, यात्रियों को समय पर सेवा मिलनी चाहिए. विधायक ने स्पष्ट किया कि संघर्ष रेल प्रशासन के खिलाफ नहीं, बल्कि लेटलतीफी के खिलाफ है. यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो रेल यात्री संघर्ष समिति आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगी.
ट्रेन लेटलतीफी के आंकड़ों पर उठे सवाल
विधायक ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर आ रही खबर के अनुसार, यात्री रेलगाड़ियों के परिचालन के मामले में रेल प्रशासन द्वारा चालाकी बढ़ती जा रही है. उदाहरण के लिए दिनांक 13 अप्रैल को 68134 (बादाम पहाड़ मेमू) 1.5 घंटे लेट थी, मगर इसे 15 मिनट लेट बताया गया. इसी तरह हावड़ा मेल एक घंटे लेट, चक्रधरपुर-टाटा पौने दो घंटे लेट, शालीमार एक घंटा लेट चलने की सूचना भी एक्स पर मिल रही है. रेल प्रशासन को इन ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने की ईमानदार कोशिश करनी चाहिए और प्रत्येक दिन यात्री ट्रेनों के परिचालन के बारे में एक प्रतिवेदन जारी करना चाहिए.