बोकारो (BOKARO): मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर चल रहे सत्यापन अभियान के बीच बोकारो से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लाभुकों से पैसे वसूले जाने का दावा किया जा रहा है. जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
बताया जा रहा है कि यह मामला चास प्रखंड के चौफांद इलाके का है, जहां योजना के सत्यापन के नाम पर महिलाओं और लाभुकों से प्रति व्यक्ति 200 रुपये लेने का आरोप लगाया जा रहा है. एक महिला किसी कर्मी को पैसे देती हुई नजर आ रही है, जबकि पास में खड़ी दूसरी महिला हाथ के पंखे से हवा करती दिखाई दे रही है.
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ जारी रखने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर लोगों से जबरन पैसे मांगे जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को डर दिखाकर उनसे रकम वसूली की जा रही है. इस मामले में “सीमा मैडम” नाम की एक कर्मी का नाम भी चर्चा में आया है, हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
प्रशासनिक स्तर पर यह जांच का विषय बना हुआ है उसमें दिखाई जा रही गतिविधियां वास्तव में अवैध वसूली से जुड़ी हैं या नहीं. ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि योजना के नाम पर गरीबों से पैसे वसूले जा रहे हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि वाकई मंईयां सम्मान योजना के नाम पर अवैध वसूली का खेल चल रहा था. अब या मामाला जांच होने के बाद ही सामने आएगा