धनबाद(DHANBAD): आज मानसिक स्वास्थ्य दिवस है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में फिलहाल कोई मनोरोगी चिकित्सक नहीं है. आज कई आयोजन होंगे, लाखों लाख खर्च होंगे, लेकिन मनो रोगियों को डॉक्टरी इलाज कैसे सुलभ हो, इसके बारे में सरकारें नहीं सोचती.
3 महीने से खाली पड़ा पद
जानकारी के अनुसार धनबाद के अस्पताल में पिछले 3 महीने से डॉक्टर का पद खाली पड़ा है. मनोरोग विभाग में जिस डॉक्टर की बहाली हुई थी, उनकी अवधि 28 जून को खत्म हो चुकी है. ऐसे में मनोरोग से जुड़े रोगियों की चिकित्सा बंद है. धनबाद के मनोरोगी या तो निजी अस्पताल का सहारा लेते हैं या फिर अस्पताल पहुंचे मरीजों को जनरल फिजीशियन कुछ हल्की दवा दे देते हैं. अगर लाभ हुआ तो ठीक, नहीं तो उन्हें रांची रिनपास रेफर कर दिया जाता है. इधर, धनबाद के सिविल सर्जन का कहना है कि मनोरोग डॉक्टर की नियुक्ति के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है. अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह को भी इसकी जानकारी दी गई है. फिलहाल अस्पताल के जनरल फिजीशियन मनोरोगी का इलाज कर रहे हैं. मरीजों की हालत को देखते हुए उन्हें रिनपास रेफर कर दिया जाता है.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
