धनबाद(DHANBAD): धनबाद की धैया सड़क पर 9 जून की रात बदहवास फॉर्चूनर को कौन चला रहा था, यह बात अब छुपी नहीं है. झरिया विधायक के मौसेरे देवर हर्ष सिंह के चालक रंजीत चक्रवर्ती ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर बताया है कि घटना के दिन वह फॉर्च्यूनर चला रहा था. फिलहाल वह जमानत पर है. हालांकि रंजीत चक्रवर्ती का दावा कितना सही है, यह आगे जांच का विषय हो सकता है. कोई भी पेशे से चालक क्या इतनी बदहवासी से वाहन चला सकता है,यह सवाल लोग खड़ा कर रहे है. यह फॉर्च्यूनर हर्ष सिंह की कंपनी के नाम से निबंधित है. कंपनी ने जब्त फॉर्च्यूनर को छुड़ाने के लिए कृष्ण मोहन सिंह को अधिकृत किया है. जैसी की सूचना है कृष्ण मोहन सिंह ने फॉर्च्यूनर को रिलीज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है. 9 जून की रात बदहवास फॉर्च्यूनर ने जो किया,उसे देख सुनकर लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली थी.
9 जून की रात हुआ था हादसा
9 जून की रात इस कातिल फॉर्च्यूनर ने पति-पत्नी की जान ले ली और उनके बच्चे की जान को सांसत में डाल दिया है. रॉन्ग साइड से बदहवस दौड़ रही फॉर्चूनर धैया सड़क पर बीसीसीएल लोदना एरिया के सर्वेयर राणा दास, उनकी पत्नी मानसी दास और बेटे ऋषभ को रौंद दिया था. राणा दास बाइक से अपनी पत्नी और बेटे के साथ अपने घर लौट रहे थे. राणा दास की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि पत्नी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था. घटना में घायल उनका बेटा दुर्गापुर मिशन अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहा. फिलहाल वह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई ढीली रही. लगातार आरोप लगते रहे कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबा रही है.
रिपोर्ट:धनबाद ब्यूरो
