रांची(RANCHI): झारखंड में उमस भारी गर्मी में पवार कट से लोग परेशान है. शहर से लेकर कस्बे तक बिजली की आँख में चौली अब परेशानी का सबब बनती जा रही है. 24 घंटे में 8 घंटे भी सही तरीके से बिजली आपूर्ति नहीं होने पर अब सवाल उठने लगा आखिर करोड़ों खर्च हर माह मेंटेनेंस के नाम पर पवार कट और फिर गर्मी में वही बदहाली कैसे शुरू हो जाती है. बिजली की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ अब ग्रामीण इलाके में लोग धावा बोलने लगे तो पूर्व मुख्यमंत्री ने सीएम को पत्र लिख कर इस व्यवस्था में सुधार की मांग की है.
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर बदहाल बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने अपने पत्र में 2014 से 2019 तक के कार्यकाल का जिक्र किया और बताया कि कैसे राज्य की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने काम किया था. लेकिन अब साल 2026 में बिजली की बदहाली व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने लगी है. शहरी इलाके से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक बिजली की स्तिथि चरमराई है. क्षेत्र में सामान्य दिनों के मुकाबले कम बिजली मिल रही है. जबकि राज्य में गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ जाती है.
ऐसे में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बिजली संकट से राज्य को बाहर निकालने की मांग की है. उन्होंने सीएम को बताया है कि कैसे लो वोल्टेज,पवार कट, ट्रांसफार्मर खराब जैसे बिंदुओं पर समीक्षा कर इस पर तुरंत काम करते हुए व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है.
इधर पलामू में बिजली व्यवस्था के खिलाफ लोगों का सब्र टूट गया.हैदरनगर प्रखण्ड क्षेत्र में 24 घंटे में महज 2 घंटे बिजली मिल रही है. जिससे आक्रोशित लोग बिजली सब स्टेशन पहुंच कर जानकार हंगामा किया और जल्द बिजली सुधार की मांग की है. अगर ऐसा नहीं होता तो फिर आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.