टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : झारखंड में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनावी मैदान सजने लगा है, नेताओं की तैयारियां तेज़ हैं और इसी के साथ चुनाव की प्रक्रिया को लेकर बहस भी शुरू हो गई है. इस बार सबसे बड़ा मुद्दा मतदान प्रक्रिया में हुआ बदलाव है, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है. दरअसल, झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव में इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा. 23 फरवरी को होने वाले मतदान में मतदाता बैलेट पेपर के जरिए अपने वोट डालेंगे. इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है. भाजपा का कहना है कि बैलेट पेपर से मतदान पारदर्शिता के लिहाज से सही नहीं है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी इस मुद्दे पर सवाल उठा चुके हैं और EVM से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं.
झारखंड के मतदाताओं के लिए यह चुनाव कई मायनों में खास होने वाला है. लंबे समय बाद राज्य में बैलेट पेपर से वोटिंग कराई जा रही है. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 48 नगर निकायों के लिए 23 फरवरी को मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे. मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा. इस चुनाव में नोटा (NOTA) का विकल्प नहीं दिया जाएगा.
चुनाव की घोषणा के साथ ही नगर पालिका क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है. नगर निकाय चुनाव को लेकर 28 जनवरी 2025 को निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी. नामांकन की प्रक्रिया 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक चलेगी. पूरी चुनावी प्रक्रिया 28 जनवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच संपन्न होगी.
राज्य निर्वाचन आयुक्त अल्का तिवारी ने बताया कि यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराए जाएंगे. वोटिंग के दौरान मतदाता पहचान पत्र के अलावा अन्य वैध पहचान पत्र भी मान्य होंगे. उन्होंने जानकारी दी कि राज्यभर में 4 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. यह चुनाव कुल 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के लिए होंगे. बैलेट पेपर से होने वाले इस चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि लंबे समय बाद झारखंड एक बार फिर पारंपरिक मतदान प्रणाली की ओर लौटता दिख रहा है.
