धनबाद(DHANBAD): धनबाद से रांची तक पुलिस कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ एक्शन मोड में है. पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. गिरफ्तारियां हो रही हैं. एनकाउंटर हो रहा है. इधर, धनबाद पुलिस भी एक्शन मोड में है. भगाबांध ओपी क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में पकड़े गए अपराधियों से पुलिस को बड़ा ब्रेक थ्रू मिलने की बात कही जा रही है. साथ-साथ 60 संदिग्ध बैंक अकाउंट का डिटेल्स पुलिस को मिला है. रुपए देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी ट्रांसफर किए गए हैं. पुलिस को कई सफेदपोश चेहरों का भी पता चला है. सूत्रों के अनुसार , इधर, जांच में यह भी पता चला है कि प्रिंस खान और कुख्यात सुजीत सिन्हा साथ हो लिए थे.
16 मार्च के एनकाउंटर मामले में दस पर हुआ है केस
ऐसा इसलिए कि प्रिंस खान गिरोह के कई लोग , जब जेल भेज दिए गए तो उसे रंगदारी वसूली के लिए लड़के नहीं मिल रहे थे. उसने गैंगस्टर सुजीत सिन्हा से हाथ मिला लिया और पुलिस एनकाउंटर में घायल पलामू का अमन सिंह उर्फ कुबेर सुजीत सिन्हा का ही आदमी बताया जाता है. वह प्रिंस खान के लिए भी काम करता था. इधर, बताया जाता है कि धनबाद के भागाबांध ओपी क्षेत्र में 16 मार्च की सुबह हुई मुठभेड़ में 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें सुजीत सिन्हा , प्रिंस खान, गोपी खान सहित अन्य शामिल हैं. इसके पहले धनबाद के भुईंफोड़ में भी पुलिस के साथ प्रिंस के गुर्गे सुधीश ओझा का एनकाउंटर हुआ था.
सुधीश ओझा ने स्वीकार किया था कि पहले वह फहीम का काम करता था
जेल जाने से पहले उसने स्वीकार किया कि 1999 में वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान के लिए काम करता था. उसने बिलासपुर जाकर एक कंपनी इंजीनियर का अपहरण भी किया था. फिरौती के रूप में उसे दो लाख मिले थे. इस मामले में वह जेल भी गया था. फहीम खान हर काम के लिए ₹30000 देता था. कुछ महीने पहले प्रिंस खान ने फोन कर फहीम खान का काम छोड़कर उसके लिए काम करने का प्रस्ताव दिया फिर वह प्रिंस और गोपी खान के इशारे पर रंगदारी का पैसा वसूलने लगा.
सोमवार की सुबह भागाबांध की केंदुआडीह बस्ती के समीप हुआ था एनकाउंटर
उल्लेखनीय है कि सोमवार की सुबह भागाबांध की केंदुआडीह बस्ती के समीप पुलिस एनकाउंटर में घायलों का इलाज धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है. विक्की डोम के पैर में गोली लगी है. अमन कुमार सिंह उर्फ़ कुबेर के पैर में भी गोली लगी है. तीसरा भागने के क्रम में चोटिल हुआ है. इधर, अपराधियों के भर्ती होने के कारण अस्पताल पर पुलिस की कड़ी निगरानी है. इस बीच 8 मार्च को पुलिस की गोली से घायल सुदेश ओझा को सोमवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो