टीएनपी डेस्क(TNP DESK): साहेबगंज में पिछले महीने हुई पहाड़िया युवती रेबिका की बरामद खोपड़ी को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया. पुलिस को 31 दिसंबर को बोरियो संथाली के पुराना शिवालय के एक पोखर से एक खोपड़ी बरामद हुआ था. जिसे प्रथम दृष्टया रेबिका का मानकर पुलिस ने उसके परिजनों को सौंपा है.
डीएनए टेस्ट के लिए सैम्पल भेजा गया रांची
बता दें कि साहेबगंज में पिछले महीने पहाड़िया जनजाति की युवती रेबिका का उसके पति और ससुराल वालों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. हत्या के बाद सबूत छुपाने के लिए रेबिका के शव के 20 से 25 टुकड़े कर दिए और उसे बोरे में बांधकर फेंक दिया. जब आस-पास के लोगों की नजर इस पर पड़ी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने आरोपी पति दिलदार अंसारी समेत 10 आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है. रेबिका के शव के अलग-अलग टुकड़ों को पुलिस पहले ही परिजनों को सौंप चुकी है. बरामद खोपड़ी का डीएनए सैंपलिंग जमा किया गया है, जिसे रांची के FSL भेजा गया है. टेस्ट के वाद ही पता चल पाएगा कि वह खोपड़ी रेबिका का है या नहीं.
पुलिस की पकड़ में कब आएगा मुख्य आरोपी?
पुलिस ने भले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मगर, अभी तक इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी मैनुल अंसारी पुलिस की पकड़ से बाहर है. सूत्रों की मानें तो मैनुल अंसारी को आखिरी बार महगामा में देखा गया था. अब तक की जांच से पुलिस को जो पता चला है वह यह है कि दिलदार अंसारी और रेबिका की शादी से दिलदार का परिवार खुश नहीं था. जिसके बाद दिलदार की मां ने रेबिका को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया. दिलदार की मां मरियम निशा ने अपने सगे भाई मैनुल अंसारी को रेबिका की हत्या की सुपारी दी. बताया गया है कि इस हत्या के लिए 20 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे. जिसके बाद मैनुल अंसारी ने अपने दोस्त स्टैंड किरानी मैनुल हक मोमिन के साथ मिलकर रेबिका की हत्या की और बाद में फिर उसके शव के टुकड़े कर सबूत मिटाने की कोशिश की. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आरोपी को पुलिस कब पकड़ेगी.
