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बूंद बूंद पानी के लिए मचा हाहाकार, प्रशासन नहीं ले रहा सुध, डोभा का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

दुमका(DUMKA):कहते है भारत गांवों का देश है. और भारत की आत्मा गांव में बसती है. लेकिन आजादी के 75 वर्षों बाद भी जब ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे है. तो सिस्टम पर सवाल खड़े होना लाजमी है. हम बात कर रहे है दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड के भोड़ाबाद पंचायत के बसगोहरी गांव की.

बसगोहरी गांव 22 वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है

प्रकृति की गोद में बसे इस गांव के ग्रामीण अलग झारखंड राज्य बनने के 22 वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. गांव तक पहुंचने के लिए ना तो सड़क है, और ना ही ग्रामीणों के पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है. गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गहरा जाता है.

गर्मी के समय में कुआं सुख जाता है

वर्षों पहले ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए गांव में एक कुआं का निर्माण कराया गया था. लेकिन गर्मी के समय में कुआं खुद प्यासा रह जाता है. इस वर्ष भी आलम यही है. पेयजल संकट के समाधान के लिए पंचायत प्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक फरियाद लगा चुके ग्रामीणों ने थक हारकर खुद वैकल्पिक व्यवस्था बना ली.

डोभा बुझा रहा ग्रामीणों की प्यास

गांव से दूर ग्रामीणों की ओर से एक डोभा का निर्माण कराया गया. डोभा का पानी ही आज ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है. घर का खाना बनाना हो या स्कूल में एमडीएम तैयार करना हो, सभी जगह डोभा का पानी ही उपयोग में लाया जाता है. स्कूली छात्र इसी डोभा का पानी बोतलों में भर कर विद्यालय ले जाते हैं. ताकि अपनी प्यास बुझायी जा सके.

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दिया समाधान का भरोसा

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख जरमुंडी विधान सभा के विधायक हैं. क्षेत्र भ्रमण के दौरान मीडिया कर्मियों ने जब उनसे गांव की समस्या पर सवाल किया तो उन्होंने शीघ्र ही समाधान का भरोशा दिया. और कहा कि सरकार ने सभी पंचायत में 10 - 10 नए चापाकल लगाने का निर्णय लिया है. कार्य योजना तैयार होते ही गांवों में चापाकल लगवाया जाएगा. ताकि पेयजल संकट का समाधान हो सके.

टाल-मटोल जवाब देकर बचते नजर आयें मंत्री

मंत्री ने भविष्य में गांव में पेयजल संकट के समाधान का भरोशा तो दिया लेकिन जब उनसे सवाल किया गया कि आखिर ऐसा क्यों, तो उन्होंने मामले को देखने की बात कहकर सवाल को टाल दिया. सवाल उठता है कि आखिर कब तक मंत्री जी सवालों को टालते रहेंगे? अगला वर्ष चुनावी वर्ष है.  जनता के सवालों का जबाब एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें देना ही पड़ेगा.

रिपोर्ट: पंचम झा 

Published at: 30 May 2023 11:22 AM (IST)
Tags:Peopledrop by dropwatervillagebadal patrlekshpanidumkajharkhand

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