धनबाद(DHANBAD): झारखंड कैबिनेट से 1932 की खतियान लागू करने और ओबीसी आरक्षण को मंजूरी मिलने के बाद बुधवार को धनबाद में भी लोगों ने जश्न मनाया. आतिशबाजी की, जुलूस निकाला और निर्णय का स्वागत किया .आपको बता दें कि राज्य गठन के बाद से ही स्थानीय नीति व आरक्षण नियम विवाद का विषय बना रहा .इसको लेकर राजनीतिक रोटियां भी सेकी जाती रही. बाबूलाल मरांडी जब प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे, तभी उन्होंने प्रस्ताव लाया था लेकिन वह प्रस्ताव उच्च न्यायालय से खारिज हो गया. इधर, बुधवार को निर्णय के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा है कि प्रस्ताव पास होने से करोड़ों लोगों को अधिकार मिल गया है और अलग राज्य बनाए जाने के बावजूद जो उपेक्षित थे ,उन्हें उनका वाजिब हक मिला. धनबाद के सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि एक राजनीतिक स्टंट है. राज्य सरकार झारखंड की भोली-भाली जनता को गुमराह कर रही है. हेमंत सरकार का ग्राफ तेजी से गिर रहा है, इसीलिए यह सब किया जा रहा है ताकि राज्य में अशांति का माहौल कायम हो.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
