धनबाद (DHANBAD): धनबाद के बरवाअड्डा थाना की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है.यहां पदस्थापित दारोगा नवल किशोर सिंह पर गंभीर आरोप लगे है. आरोप है कि दूसरे पक्ष से मोटी रकम लेकर पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और घरेलू विवाद के आरोपी को जबरन हिरासत में लेने की कोशिश की गई.मामला बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के गोरगा इलाके का है, जहां करीब दो महीने पहले जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के बीच मारपीट हुई थी. इस घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे और दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.
दारोगा पर वसूली का आरोप
घटना के पीड़ित बिनोद साव ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा,“दारोगा जी दूसरे पक्ष से पैसे लेकर हमारे परिवार को परेशान कर रहे है. दुकान से पकड़ने की कोशिश की गई और पैसे की मांग की गई.पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले के अनुसंधानकर्ता दारोगा नवल किशोर सिंह ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर बिनोद साव को लगातार परेशान करना शुरू कर दिया.आरोप है कि शुक्रवार की सुबह दारोगा मटन दुकान पर पहुंचे और ‘मामला मैनेज’ करने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की.
नाबालिग बेटे पर भी सरकारी काम में बाधा डालने का मामला
जब बिनोद साव ने पैसे देने से इनकार किया और मामला न्यायालय में होने की बात कही, तो दारोगा ने कथित तौर पर पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर उसे जबरन हिरासत में लेने की कोशिश की. विरोध करने पर बिनोद साव, उनके परिजनों और यहां तक कि नाबालिग बेटे पर भी सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज कर दिया गया.इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष ने महिला के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और संबंधित दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.अब सवाल उठता है कि जब मामला पहले से न्यायालय में लंबित है, तो पुलिस की इस तरह की कार्रवाई कितनी उचित है? क्या कानून के रखवाले ही कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं? फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है.
रिपोर्ट-नीरज कुमार