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एक माह में 73 सुअरों की मौत से दहशत, जानिये इसकी वजह और मनुष्यों पर इसके प्रभाव

एक माह में 73 सुअरों की मौत से दहशत,  जानिये इसकी वजह और मनुष्यों पर इसके प्रभाव

जमशेदपुर ( JAMSHEDPUR ): भारत मेंं पहली बार केरल में सुअरों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और बिहार होता हुआ झारखंड में भी दस्तक दे चुका है. पूर्वी सिंहभूम से बड़ी खबर आई है. एक माह के भीतर 73 सुअरों की मौत महज़ एक गांव में हो चुकी है. यह गांव काकिडीह जमशेदपुर से 40 किलोमीटर दूर पटमदा के कमलपुर थाना में पड़ता है. अबतक सभी इसे अज्ञात बीमारी ही मान रहे हैं. जिससे ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है. गांव वाले दहशत में है कि आखिर कौन सी बीमारी है. जिससे इन सुअरों की मौत हो रही है.

दहशत में ग्रामीण और प्रशासन भी

वहीं शुक्रवार को जिला प्रशासन की मेडिकल की टीम गांव पहुंची और उन जानवरों का सिंपल एकत्रित करके जांच में जुट गई है मेडिकल टीम कैमरे पर कुछ कहने से बचती नजर आई उनका यह भी कहना था कि जांच के उपरांत ही इस विषय पर कुछ कहा जा सकता है.  अब जांच में क्या सामने आएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर क्षेत्र के ग्रामीण इस बीमारी से पूरी तरह से डरे  हुए हैं. 

अफ्रीकन स्वाइन का असर

देश-दुनिया में इस मामले में अब तक की जांच में सुअरों के मरने की वजह अफ्रीकन स्वाइन बताया जा रहा है. लेकिन राहत की बात यह है कि मनुष्यों में इस संक्रमण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. 

बिहार की तरह झारखंड में भी चले अभियान

बिहार में सुअरों में फैल रहे इस संक्रमण से बचाव के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं. पश्चिम चंपारण में पशुपालन विभाग अभियान चला रहा है. अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि होने पर सुअरों को मारा जा रहा है. पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान पटना के चिकित्सक व विज्ञानियों की टीम सक्रिय है.

रिपोर्ट - रंजीत ओझा, जमशेदपुर 

 

Published at: 03 Sep 2022 11:38 AM (IST)
Tags:News

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