पलामू (PALAMU): पलामू और गढ़वा के लोगों के लिए विकास की रफ्तार अब तेज होती नजरआएंगी, सालों से खराब सड़कों, अधूरी परियोजनाओं और कमजोर कनेक्टिविटी की समस्या झेल रहे इस इलाके को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है, इसी कड़ी में पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में परिवहन भवन पहुंचकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर से अहम मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने दोनों जिलों में सड़क नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और हाईटेक बनाने की जरूरत पर जोर दिया.
सांसद ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत सड़क ढांचा बेहद जरूरी है. उन्होंने लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जल्द पूरा करने, नई फोरलेन सड़कों के निर्माण और कनेक्टिविटी को विस्तार देने की मांग रखी, साथ ही, सभी प्रस्तावित परियोजनाओं की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द तैयार करने और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल करने का आग्रह किया, ताकि योजनाएं जल्द धरातल पर उतर सकें.
प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाएं:
- NH-139 (पुराना NH-98) के सीलीदाग से पड़वा मोड़ तक 22 किमी फोरलेन सड़क निर्माण
- NH-343 के तहत गढ़वा फोरलेन बाईपास से रामानुजगंज (झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा) तक 48 किमी फोरलेन सड़क
- गढ़वा मझिआंव मोड़ से कांडी प्रखंड के श्रीनगर-पडुका ब्रिज (झारखंड-बिहार सीमा) तक 40 किमी सड़क
- NH-139 से नई फोरलेन सड़क, जपला बाईपास, सोन नदी पर पुल सहित NH-119 से कनेक्टिविटी (PM गति शक्ति योजना में शामिल)
- डालटनगंज में नॉर्दर्न बाईपास, कोयल नदी पर हाईलेवल ब्रिज और रेलवे लाइन पर रोड ओवर ब्रिज (ROB)
अगर ये सभी परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो पलामू और गढ़वा के विकास को नई गति मिलेगी. बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ सफर आसान होगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी मजबूत होगी. खासकर फोरलेन सड़कों, बाईपास और पुल निर्माण से जाम की समस्या कम होगी और समय की बचत होगी. अब निगाहें केंद्र सरकार और NHAI के फैसले पर टिकी हैं कि इन योजनाओं को कब हरी झंडी मिलती है साफ है अगर काम शुरू हुआ, तो यह क्षेत्र विकास की नई पहल देखने को मिलेगी