पलामू (PALAMU): झारखंड में बालू की घोर किल्लत है. लेकिन सरकार के उदासीन रवैये को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता है कि इसको लेकर सरकार गंभीर हैं. इसके विरोध में 6 अप्रैल को पलामू के हुसैनाबाद अनुमंडल मैदान में इंटक की ओर से जनाक्रोश महाट्रैक्टर बाईक रैली का आयोजन किया गया. जिसमें भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.और विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी हुसैनाबाद के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और स्थानीय विधायक कमलेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा गया. जिसमें सरकार से बालू घाटों की बंदोबस्ती करने या आम लोगों के लिए बालू फ्री करने की मांग की गई है.
बालू की किल्लत से मजदूर पलायन को मजबूर, विकास कार्य भी प्रभावित
रैली को संबोधित करते हुए इंटक के प्रदेश महासचिव विनय कुमार सिंह उर्फ बीनू सिंह ने कहा कि बालू को लेकर लगातार दो सालों से हुसैनाबाद विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे राज्य में भवन निर्माण और विकास कार्य प्रभावित है.सरकार को ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद मूक दर्शक बनी है. अब जनता, मजदूर, गाड़ी मालिक, दुकानदार सभी के सब्र का बांध टूट चुका है. जिसका परिणाम ये रैली है.
बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं करने के पीछे चल रहा है बड़ा खेल
विनय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड के बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं करने के पीछे अवैध बालू उठाव का खेल चल रहा है. बालू घाटों की बंदोबस्ती होने से सरकार को राजस्व भी मिलेगा और आम लोगों को बालू आसानी से सस्ती दर पर उपलब्ध होगा. झारखंड में भवन निर्माण, सड़क, पीएम आवास समेत सभी विकास के कार्य ठप्प हैं. सरकार अब नहीं चेती तो झारखंड के सभी जिले में जनता सड़क पर उतरेगी. इसलिए सरकार बालू घाटों की जल्द बंदोबस्ती कराए.
रिपोर्ट: समीर हुसैन
