जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिला के गुड़ाबांधा प्रखंड के हतियापटा गांव, दोलकी, चुआसोल सहित 5 गांव के किसान काफी परेशान हैं. बता दें कि 3 दर्जन से ज्यादा हाथी गांव में घुस गए हैं. इससे गांव के लोग अपना गांव छोड़कर दूसरे गांव में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं. उधर, हाथियों ने सैकड़ों एकड़ जमीन में लगे धान के फसल को नष्ट कर दिया है. हालांकि इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दे दी है. इसके बाद वन-विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य करने में जुट गई है.
डेन्जर ज़ोन को कराया गया खाली
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो क्षेत्र डेन्जर ज़ोन में है, उसे खाली करा दिया गया है. पश्चिम बंगाल और उड़ीसा से हाथी आकर झारखंड में तांडव मचा रहे हैं. वन-विभाग के लोगों का कहना है कि भोजन की तलाश में हाथी जंगल से बाहर निकलते हैं. फिलहाल, गांव के लोग दूसरे गांव में शरण लिए हुए हैं.
जानिये झारखंड में हाथियों से नुकसान के आंकड़े
झारखंड में हाथियों के कारण हर वर्ष ग्रामीणों को जान गंवानी पड़ती है. 2021 में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 11 साल में लगभग 800 लोगों की मौत हाथियों के कारण हुई है. वहीं पिछले आठ साल में विभिन्न कारणों से 60 हाथियों की मौत हो चुकी है. पांच हाथियों को तस्करों ने मार डाला, ट्रेन दुर्घटना से चार हाथियों की मौत हो गई, बीमारी से पांच हाथी चल बसे और आठ हाथी की मौत विभिन्न हादसों में हुई. जबकि एक हाथी को वन-विभाग के आदेश के बाद 2017-18 में मारा गया था. 14 हाथियों की अप्राकृतिक मौत हुई है. आठ हाथियों की मौत अधिक उम्र हो जाने के कारण हुई है.
रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर
