✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस पर सरकार-बीसीसीएल से सवाल : कोयला चुनने वाले इन बच्चों की जिंदगी क्या कभी सुधरेगी!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 1:03:14 PM

धनबाद(DHANBAD): आज विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस है.  दिनभर बाल श्रमिकों पर चर्चाएं होती रही.  लेकिन बाल श्रमिकों की हालत कैसे बदलेगी, कैसे वह समाज के मुख्य धारा से जुड़ेंगे, इसकी चिंता केवल "कागज" पर ही होती है.  इसे अगर कोई भी देखना चाहे तो वह धनबाद के कोलियरी  क्षेत्रों  में पहुंच जाए, उनकी  आंखों की पट्टी हट जाएगी.  वह देख सकेंगे कि  किस तरह कोयले में सिमट कर कई बाल मजदूरों की जिंदगी खत्म हो जाती है.  कोयला चुनना , घर का चूल्हा जलाना ही उनकी जिंदगी बन जाती है. गुरुवार को झरिया में बच्चों ने सरकार ,संगठनो का ध्यान अपनी ओर खींचा. हाथों में तख्ती लेकर चल रहे थे. तख्ती पर लिखा था - " प्रत्येक बच्चा देश का भविष्य है, उन्हें पोषित करना देश की जिम्मेदारी है.  

'बचपन बचाओ, बाल मजदूरी हटाओ'

एक अन्य तख्ती पर लिखा था 'बचपन बचाओ, बाल मजदूरी हटाओ' ऐसे ही पोस्टर हाथ में लेकर आज झरिया के कोलफील्ड चिल्ड्रेन क्लासेस (सीसीसी),  के विद्यार्थियों ने झरिया हेटलीबांध से जागरूकता रैली निकाली.  जो लोदना, दीपूढोरा, लिलोरीपथरा जैसे कोलियरी क्षेत्र में घूमी, बच्चों के हाथों के  विभिन्न पोस्टर, तख्तियां और नारे झरिया कोलफील्ड  के लाखों लोगों को कोयला मजदूरों के समाज की सच्चाई की याद दिलाई.  जहां  हजार से अधिक बच्चे अपने माता-पिता के साथ कोयला खदानों में काम करते है.  रैली शामिल सभी ने लोदना आंबेडकर चौक के पास जोरदार " बचपन बचाओ, बाल मजदूरी हटाओ " नारे लगाए और समाज के लोगों का  ध्यान आकर्षित किया.  झरिया कोयला क्षेत्र में गरीबी और बाल मजदूरी के कारण कई प्रतिभाएं बीच  में ही लुप्त हो जाती है.  कई बच्चे पढ़ाई छोड़ देते है.  

कोयला चुननेवाले बच्चों का जीवन आखिर कैसे बनेगा बेहतर 

कोयला चुननेवाले बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाले संस्था कोलफील्ड चिल्ड्रेन क्लासेस (सीसीसी) के संस्थापक पिनाकी रॉय ने कहा कि - "हमारे देश में भिविन्न क्षेत्रों में बाल मजदूरी के साथ-साथ झरिया कोयला क्षेत्र के  बाल मजदूर हमारे देश को महाशक्ति बनने से रोक रहे है.  सबसे पहले अगली 2027 में  होनेवाली जनगणना में कोयला क्षेत्र में बाल मजदूरों की संख्या का पता लगाना चाहिए.  और राज्य सरकार और कोयला कंपनी को इसे अलग मामला मानकर इसका समाधान करना चाहिए.  'विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस' पर आयोजित इस रैली में 40 से अधिक बच्चों  ने हिस्सा लिया. रास्ते में देखने वाले बच्चों को पढ़ाई में प्रोत्साहित करने कॉपियां वितरित की गई. कार्यक्रम में पिनाकी रॉय के अलावा शिक्षिका मौसमी रॉय, सुमन कुमारी, सोनू कुमार, लक्ष्मी कुमारी, नंदनी कुमारी, दुर्गा कुमारी, संजना कुमारी, नंदन कुमार, राजवीर कुमार, रणवीर केशरी, सावित्री देवी आदि तथा कोलकाता के डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता लुब्धक चटर्जी, अर्नब भट्टाचार्जी और छात्रा अनंगारी रॉय (नील) मौजूद थे. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadJhariyaBachheKoyalaSarkaar

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.