☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

रिनपास के 100 साल पूरे होने पर बोले CM-जल्द होंगे बड़े बदलाव, मनोरोगियों के इलाज में करें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

रिनपास के 100 साल पूरे होने पर बोले CM-जल्द होंगे बड़े बदलाव, मनोरोगियों के इलाज में करें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

रांची (RANCHI) : रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइकियाट्री एंड एलाइड साइंस (रिनपास) में जल्द ही कई बदलाव देखने को मिलेंगे. रिनपास में आधारभूत संरचना और शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा. यहां जो भी कमियां हैं, उन्हें विस्तृत समीक्षा के बाद दूर किया जाएगा. मानसिक रोगियों को यहां बेहतर सुविधाएं मिलें और आधुनिक तरीके से उनके इलाज की समुचित व्यवस्था हो, इसके लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज रिनपास के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिनपास से जुड़े सभी लोगों को सेवा, समर्पण और विश्वास के गौरवशाली सौ वर्ष पूरे होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं.

रिनपास जैसे संस्थानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय रिनपास जैसे संस्थानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है. जिस तरह लोग मानसिक अवसाद की गिरफ्त में आ रहे हैं.  वैसे में उन्हें बेहतर काउंसलिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है. हालांकि, कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसे रिनपास जैसे संस्थान में आने की नौबत आए, लेकिन मानसिक परेशानी, मजबूरी और परिस्थिति कई लोगों को यहां तक आने को मजबूर करती है. ऐसे में यहां आने वाले मनोरोगी पूरी तरह स्वस्थ होकर जाएं, इसके लिए यहां इलाज की बेहतर से बेहतर व्यवस्था व्यवस्था की जाएगी.

इलाज में आधुनिक तकनीकों का हो इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के इलाज में अत्याधुनिक तकनीकों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की दिशा में हमें आगे बढ़ना होगा. रिनपास में मरीजों की मानसिक समस्याओं के समाधान के लिए जो भी डिजिटल चिकित्सा तकनीक की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा .

मरीज को छोड़कर चले जाते हैं कई परिजन, वापस नहीं आते हैं लेने

मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि कई परिजन अपने मरीज को यहां छोड़ कर चले जाते हैं और फिर उन्हें कभी लेने भी नहीं आते हैं. वहीं,  कई बार घरों में ही मनोरोगी को अलग-अलग तरीके से "कैद" कर रखा जाता है, जो  हमारे परिवार और समाज के लिए अच्छा नहीं है. ऐसी परिस्थिति में मानसिक  मरीजों की मनःस्थिति कैसी होती होगी, उसकी कल्पना हम नहीं कर सकते हैं. ऐसे में मानसिक समस्यासे ग्रसित मरीजों तक सहजता और सरलता के साथ हमारी व्यवस्थाएं पहुंचे,  इसके लिए गंभीरता से पहल करने की जरूरत है.

रिनपास की स्थापना जिन्होंने की होगी, वे काफी दूरदर्शी होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1925 में जब मनोचिकित्सा के क्षेत्र में इस संस्थान की स्थापना हुई थी, उस वक़्त इसकी क्या जरूरत रही होगी, यह हम तो नहीं बता सकते हैं, लेकिन आज जिस तरह ऐसे संस्थान की अहमियत बढ़ चुकी है, वह बताने के लिए काफी है कि जिन्होंने भी आज से सौ वर्ष पहले रिनपास की नींव रखी होगी, वे कितने दूरदर्शी रहे होंगे. यह संस्थान पिछले 100 वर्षों से लोगों की सेवा में समर्पित है. यह सेवा भाव अनवरत जारी रहे, इसे और भी बेहतर बनाएंगे.

 समारोह के महत्वपूर्ण पहलू

  • रिनपास पर आधारित पोस्टल स्टाम्प किया गया जारी.
  • रिनपास की स्मारिका तथा चार पुस्तकों का विमोचन.
  • टेली मेन्टल हेल्थ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का शुभारंभ.
  • डिजिटल अकादमी की हुई शुरुआत.
  • रिनपास के अवकाश प्राप्त निदेशक डॉ पीके चक्रवर्ती, डॉ एनएन अग्रवाल, डॉ अशोक कुमार प्रसाद, डॉ अशोक कुमार नाग एवं डॉ केके सिंह, रिटायर्ड मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार, सेवानिवृत फैकल्टी मेंबर डॉ एएन वर्मा तथा डॉ केसी सेंगर अहम सेवा तथा योगदान के लिए सम्मानित किए गए.

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ,  स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, विधायक राजेश कच्छप,  विधायक सुरेश कुमार बैठा,  झारखंड राज्य समन्वय समिति के सदस्य राजेश ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS), बेंगलुरु की निदेशक डॉ प्रतिमा मूर्ति, चीफ पोस्ट मास्टर जेनरल , झारखंड परिमंडल विधान चंद्र रॉय, रिनपास के निदेशक डॉ अमूल रंजन सिंह समेत कई गणमान्य मौजूद थे.

 

Published at:04 Sep 2025 12:34 PM (IST)
Tags:ranchijharkhand newsCMhemant sorenCM hemant sorenIrfan ansariRinpas
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.