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झारखंड में गहराया अकाल का संकट: बरसात नाममात्र, 50 फीसदी जलाशय में पानी का टोटा

झारखंड में गहराया अकाल का संकट: बरसात नाममात्र, 50 फीसदी जलाशय में पानी का टोटा

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): रांची के जलाशयों को देखकर मार्च में ही आशंका बलवती हो गई थी कि गर्मी आते ही संकट गहरा जाएगा. तब ही हटिया और कांके डैम में जलस्तर लगातार गिरने लगा था. मई में राष्ट्रव्यापी एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया कि झारखंड के 16 प्रतिशत जलाशय सूख गए हैं. यह रिपोर्ट क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया एवं राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने उजगार की थी. इधर, बरसात की बेरुखी ने भी चिंता में इज़ाफ़ा किया.

जब 18 जून को झारखंड में मानसून पहुंचा तो वर्षा की कुल कमी 50 प्रतिशत थी. मौसम विभाग के अनुसार, गढ़वा और चतरा जिलों में सबसे अधिक वर्षा की कमी क्रमश: 88 फीसदी और 86 फीसदी दर्ज की गई. जबकि खूंटी, हजारीबाग, पलामू, रामगढ़ और साहिबगंज में वर्षा में 60 प्रतिशत से अधिक वर्षा की कमी दर्ज हुई. अब ताजा मीडिया रिपोर्ट कहती है कि गर्मी और माक़ूल वर्षा नहीं होने का दंश जलाशय झेल रहे हैं. राज्य के जलाशयों में पानी का टोटा है. करीब 50 फीसदी जलस्रोत सूख चुके हैं. कांके रोड के गोंदा डैम में जलस्तर 16 फीट पहुंच चुका है. जबकि इसकी क्षमता 28 फीट है. डैम में मात्र नौ फीट पानी रह गया है.

पानी कम रहने से पॉवर प्लांट बंद

सिकिदिरी हाइड्रल पावर प्लांट एक सप्ताह से बंद है. रांची के अनगड़ा स्थित गेतलसूद डैम के जलस्तर कम होने से ऐसा किया गया है. प्लांट बंद होने से दो यूनिट से बिजली उत्पादन ठप्प है. दरअसल यदि डैम में पर्याप्त जल संग्रह नहीं हो, तो प्लांट के लिए पानी नहीं छोड़ा जाता है. यह बातें जल संसाधन विभाग और झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के समझौते में दर्ज है.

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क्या कहता है विभाग

जल संसाधन विभाग के अनुसार राज्य के 56 जलाशयों में से 52 जलाशयों का जल स्तर डेड स्टोरेज लेवल (डीएसएल) से थोड़ा ही ऊपर रह गया है. जबकि आमतौर पर मानसून में जलाशयों में स्टोरेज पचास फीसदी तक हो जाता है, लेकिन इस बार अब तक स्थिति चिंताजनक है. विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रांची के बुछवपा, लोहरदगा के नंदनी, गुमला पारस, कटारी, ऊपरी शंख, धनसिंगटोली, तपकारा, मसरिया, सिमडेगा के चिंडू, लरवा, कंसजोर और रामरेखा, पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ, नकटी, जैनसराय, टोरलो जलाशय में पानी डीएसएल स्तर से थोड़ा ज्यादा है.

राज्य के इन जलाशयों में कम पानी

दुमका: बरानदी, दिग्गलपहाड़ी, सुंदर, मसानजोर, कैराबनी.

पाकुड़: सुर्योदी, पारस, नंदनी, सुकरी, गेतलसूद, सुरंगी, लतरातू, मसरिया, जयपुर, कतरी, अपर शंख, टोरलो, जैनसराय, सोनुआ, नकती, बरांडी, दिग्गलपहाड़ी, कैराबनी, सुर्योदी, मसानजोर.

बोकारो: तेनुघाट.

चतरा: अजनवा, हीरू, दुल्की, बसका, बरही.

हजारीबाग: पंचखेरो, गोंडा, घगरा.

रामगढ़: भैरवा रिजर्वायर.

गढ़वा: अनराज, चिरका, दनरो, पंडरवा, बभनीखर, चतनियाघाट.

पलामू: मलय, बुतंडुबा, बटाने, भीम बैराज, रैनीताल के अलावा चांडिल डैम.

 

 

Published at:26 Jul 2022 04:37 PM (IST)
Tags:News
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