✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह : एक बड़ी चुनौती को तो पार कर लिया  लेकिन आगे का चैलेंज कैसे उससे भी बड़ा है!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 5, 2026, 5:07:50 PM

धनबाद(DHANBAD): धनबाद में रंगों के त्यौहार होली में भी भाजपा के "भीतर की भाजपा" मेयर चुनाव की ही चर्चा करती सुनी गई.  कई तरह की चर्चाएं होती रही.  2026 की  धनबाद में होली राजनीति के केंद्र में रही.  होली के बहाने पराजित अथवा विजय प्रत्याशी अपनी-अपनी  राजनीतिक ताकत को दिखाने का प्रयास करते दिखे।  चुनाव प्रचार के दौरान भी ऐसा हुआ, रिजल्ट आने के बाद भी ऐसा ही दिखा।  भाजपा के पूर्व विधायक संजीव सिंह तमाम परेशानियों से जूझते हुए भारी मतों से मेयर का चुनाव जीत लिया है.  18 मार्च को डिप्टी मेयर का भी चयन हो जाएगा, इसके लिए अलग राजनीति चल रही है.  कौन किसको मात  देगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है. 

 18 मार्च को पार्षदों के शपथ ग्रहण और  डिप्टी मेयर के चुनाव  के साथ ही धनबाद नगर निगम बोर्ड लगभग 6 साल के बाद अस्तित्व में आ जाएगा।  लेकिन यहीं से नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह की परेशानी शुरू होगी।  धनबाद की जनता के भरोसे पर खरा  उतरना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।  हो सकता है कि 18 मार्च के बाद कभी भी नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाई जाए.  लेकिन जब बोर्ड  की बैठक होगी, तो नगर निगम का खजाना लगभग खाली मिलेगा।  सूत्रों के अनुसार फिलहाल नगर निगम के पास 337 करोड रुपए ही खाते में है.  इसमें भी पहले से निर्धारित कई योजनाएं शुरू करनी होगी।  इनमें से कुछ राशि केंद्र का अंशदान है और इसके लिए योजनाएं पहले से तय की जा चुकी हैं.  

धनबाद में पानी एक बड़ी समस्या दशकों से रही है.  इस बार भी रहेगी, पानी की योजनाएं शुरू करने के लिए बोर्ड पर दबाव रहेगा।  लेकिन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए फंड की किल्लत  हो सकती है.  नगर निगम बोर्ड को फंड के जुगाड़ के लिए कोई ना कोई नया रास्ता ढूंढना होगा।  या तो सरकार से पैसा मांगना पड़ सकता है अथवा डीएमएफटी फंड से राशि लेनी होगी।  डीएमएफटी फंड से राशि लेने के लिए विधायक और सांसद की सहमति जरूरी है.  ऐसे में डीएमएफटी का फंड निगम को मिलेगा अथवा नहीं, यह सवालों के घेरे में रहेगा।  नए वित्तीय वर्ष में निगम को कुछ फंड मिल सकते हैं.  सूत्रों के अनुसार नगर निगम के आंतरिक स्रोत से इतनी राशि नहीं आती  कि नगर निगम बोर्ड कोई नई योजनाओं पर काम कर सके. 

 एक आंकड़े के मुताबिक नगर निगम को हर महीने  टैक्स सहित  अन्य स्रोतों से हर महीने दो करोड रुपए मिलते हैं, वहीं खर्च लगभग 5 करोड रुपए का है.  इन खर्चों को अगर वर्गीकृत किया जाए तो डोर टू डोर  कचरा कलेक्शन में 2.5 करोड़, वेतन में दो करोड़ और अन्य मदों में 40 से 50 लाख  रुपए खर्च होते है.  ऐसे में धनबाद नगर निगम के नए बोर्ड के सामने फंड  एक बड़ी समस्या  सामने आ सकती है.  धनबाद की जनता ने बहुत उम्मीद और भरोसे के साथ पार्षदों एवं मेयर का चयन किया है.  अब जनता के भरोसे पर खरा उतरना इन लोगों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadJharkhandMayerNigamChunauti

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.