धनबाद(DHANBAD): नवनियुक्त 735 होमगार्ड के महिला-पुरुष जवान सड़क पर है. सभी होमगार्ड सरकार से विनती भी कर रहे हैं और सरकार पर आक्रोश भी व्यक्त कर रहे है. पिछले तीन दिनों से धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर होमगार्ड के जवान बैठे हुए है. उनकी मांग है कि जिस सीडी का बहाना बनाकर उनकी बहाली को टाला जा रहा है, उसमें उनका क्या दोष है. सीडी तो उन लोगों को नहीं दिया गया था.
होमगार्ड का कहना है कि सीडी तो अधिकारियों के पास ही होगा. अगर सीडी नहीं मिल रही है तो उसके लिए अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए, न कि अभ्यर्थियों को. अभ्यर्थी बसंती देवी का कहना है कि उनका हेमंत सरकार से एक ही अनुरोध है कि उनकी पुकार सुने और उनकी बहाली को रेगुलराइज किया जाए. बसंती देवी कहती है कि वह विधवा है दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, ऐसे में उनका गुजर-बसर कैसे होगा और बच्चों का लालन-पालन कौन करेगा. इसी प्रकार अभ्यर्थी चांदनी कुमारी का कहना है कि दोष कोई करें और सजा किसी और को मिले, यह कतई सही नहीं है.
भारत का संविधान कहता है कि 100 दोषी भले ही छूट जाए लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए. ऐसे में जिन अधिकारियों ने सीडी का खेल किया है, उनको बचाने के लिए अभ्यर्थियों को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए.
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जयराम महतो का मिला साथ
अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन देने टाइगर जयराम महतो भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि भाषा आंदोलन के पहले भी उन्होंने इस आंदोलन का साथ दिया था. सरकार ने इनका बैंक में खाता भी खुलवाया मतलब साफ है कि सरकार जब इन्हें अपना कर्मचारी मान चुकी थी, तभी खाता खुला होगा. ऐसे में उनकी बहाली को टालना बिल्कुल गलत है. अगर सरकार में थोड़ी भी संवेदना है, यहां के जनप्रतिनिधियों में थोड़ी भी मानवता है तो उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि इन अभ्यर्थियों की बहाली जल्द से जल्द हो जाए, अन्यथा इनके परिवार और इनका हाल आगे क्या होगा इसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता है.
रिपोर्ट: शाम्भवी सिंह, धनबाद
