रांची (RANCHI): सूबे की राजधानी की तस्वीर बहुत जल्द बदलने वाली है. रांची शहर समेत आसपास के इलाके में सड़कों का न सिर्फ जाल बिछेगा बल्कि नई तकनीक से आधुनिक रास्ते भी बनाए जाएंगे. बता दें कि बीते दिन ही देवघर में इन सभी योजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन किया है. इसकी संभावित लागत तीन हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस खबर में चलिये सिलसिलेवार आपको इसकी विस्तृत जानकारी देते हैं.
रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर
रांची में कचहरी चौक से पिस्का मोड़ तक ट्रैफिक बहुत हेवी रहती है. इसका समाधान होने जा रहा है. इन इलाकों को एलिवेटेड रोड से जोड़ा जाएगा. यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें करीब 534 करोड़ खर्च किये जाएंगे. इसे दो हिस्से में बनाया जाएगा. पहला भाग एनएच-23 यानी इटकी रोड पर करीब 400 मीटर तक आगे तक जाएगा. वहीं, पंडरा रोड पर हेहल डाकघर के पास तक इसे बनाया जाएगा. मेन रोड, कचहरी आदि जगहों पर जाने वाले सीधे या तो पंडरा रोड या फिर इटकी रोड से एलिवेटेड कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकेंगे. यह एलिवेटेड सड़क जाकिर हुसैन पार्क तक आएगी.
रांची से लौहनगरी तक सड़क हुई सुगम
बिहार के समय से जमशेदपुर का स्थान महत्वपूर्ण शहर के रूप में है. झारखंड की लौहनगरी को राजधानी से जोड़ने के लिए एनएच-33 को अब और भी आसान और सुरक्षित बनाया दिया गया है. रामपुर से चौका तक 519 करोड़ रुपये और चौका से शहरबेड़ा तक की सड़क को 284 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बना दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस सड़क का लोकार्पण भी किया.
1564 करोड़ में गुमला तक फोरलेन
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को जोड़ने के लिए गुमला झारखंड का प्रमुख शहर है. रांची से आवगमन सबसे अधिक इस ओर रहता है. बड़े माल वाहक वाहनों का भी आना-जाना रहता है. इसे देखते हुए एनएचएआइ पलमा (बेड़ो) से गुमला तक की सड़क को फोर लेन किया जा रहा है. इसमें लगभग 1564 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे.
पिस्का आरओबी का निर्माण 108 करोड़ में
लगभग 108 करोड़ में एनएच-23 पर पिस्का आरओबी का निर्माण होगा. इसकी सूरत ढाई दशक के बाद बदलने जा रही है. अविभाजित बिहार के समय से ही इसका निर्माण लंबित था. यहां से लोहरदगा जानेवाली छोटी लाइन गुजरती है. कंपनी का भी चयन भी हो गया है.
