☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

भारतीय रेल में जुगाड़ तंत्र के नए रिसर्च :"त्रिशूल" के बाद अब "ब्रह्मास्त्र " से होगी ढुलाई 

भारतीय रेल में जुगाड़ तंत्र के नए रिसर्च :"त्रिशूल" के बाद अब "ब्रह्मास्त्र " से होगी ढुलाई 

धनबाद(DHANBAD);  "त्रिशूल" के बाद "ब्रह्मास्त्र ",यह है भारतीय रेल का नया रिसर्च.  पहले तीन मालगाड़ी  ट्रेनों को जोड़कर "त्रिशूल" चलाई गई.  अब चार मालगाड़ियों  को जोड़कर "ब्रह्मास्त्र" भी चलाया गया है. "ब्रह्मास्त्र "3:45 किलोमीटर लंबी ट्रेन है और इसमें 232 बगिया जोड़ी गई है.  यह  "ब्रह्मास्त्र" 37.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी.  रेलवे साइडिंग में रैक  की कमी को दूर करने में "त्रिशूल" और "ब्रह्मास्त्र" की बड़ी भूमिका होने वाली है. कोयले समेत अन्य चीजों की ढुलाई में तेजी लाने के लिए रेलवे हर दिन नए-नए प्रयोग कर रहा है.  एक दिन पहले रेलवे ने तीन मालगाड़ियों की रेक को जोड़ कर ‘त्रिशूल’ ट्रेन चलाई थी.  यह ट्रेन गंजाख्वाजा से चलकर धनबाद डिवीजन आई थी.  बुधवार को एक बार फिर से चार मालगाड़ियों को जोड़कर रेलवे ने अनूठी ट्रेन चलाई, ट्रेन का नाम रेलवे ने ‘ब्रह्मास्त्र’ रखा है.  पौने तीन किलोमीटर लंबे ‘ब्रह्मास्त्र’ को पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के गंजख्वाजा से धनबाद मंडल के टोरी के लिए रवाना किया गया.  

‘ब्रह्मास्त्र’ की लंबाई लगभग पौने तीन किलोमीटर है,

‘ब्रह्मास्त्र’ की लंबाई लगभग पौने तीन किलोमीटर है, जिसमें 232 बॉक्सन बोगियां जोड़ी गई है.  गंजख्वाजा से ट्रेन 30 जुलाई की रात करीब 9.17 बजे टोरी के लिए रवाना हुई थी.  लगभग 37.5 किलोमीटर प्रतिघंटे की औसत गति के साथ बीडी सेक्शन होते हुए लगभग 335 किलोमीटर की यात्रा के बाद ‘ब्रह्मास्त्र’ गढ़वा रोड के रास्ते सुबह 07.25 बजे टोरी पहुंची.  भारतीय रेल में   "त्रिशूल" और "ब्रह्मास्त्र "अब अपना कमाल दिखाएंगे.  धनबाद रेल मंडल को इसका सीधा फ़ायदा होगा.  धनबाद रेल मंडल को इसलिए काफी फायदा हो सकता है क्योंकि  माल ढुलाई में धनबाद रेल मंडल देश में नंबर वन है.  यहां से कोयले की ढुलाई  से काफी राजस्व की प्राप्ति होती है. "त्रिशूल"  की विशेषता है कि एक साथ तीन ट्रेनों की बोगियां  चलेगी. जबकि ‘ब्रह्मास्त्र’ में चार ट्रेन की बोगियां जुडी है.  इसे जुगाड़ तंत्र कहा जा रहा है. 

भारतीय रेल के  परिचालन दक्षता में होगी वृद्धि
 
इस जुगाड़ तंत्र से कम लागत से अधिक माल की ढुलाई हो सकती है. भारतीय रेल ने परिचालन दक्षता में वृद्धि, समय की बचत और परिवहन लागत में कमी को लेकर जुगाड़ तंत्र  का सहारा लिया है.  इसके तहत पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल(डीडीयू मंडल) ने भारतीय रेल के इतिहास में संभवतः पहली बार एक साथ तीन मालगाड़ियों और चार मालगाड़ियों को जोड़कर चलाया गया है.धनबाद रेल मंडल जीतनी तीब्र  तीव्र गति से रेल बैगन उपलब्ध कराता है, बीसीसीएल की आमदनी उसी अनुपात में बढ़ती है.  यह  अलग बात है कि इससे  रेलवे को भी बड़ा फायदा होता है और धनबाद रेल डिवीजन पूरे देश में अपनी बादशाहत बनाए रखने में कामयाब रहता है.  अब धनबाद रेल मंडल को "त्रिशूल" और ‘ब्रह्मास्त्र’दे दिया गया है.  इनसे  धनबाद रेल मंडल से कोयले की ढुलाई  की रफ्तार बढ़ेगी.  इसका फायदा सिर्फ धनबाद रेल मंडल को ही नहीं होगा, बल्कि भारत को किंग कोल्  लिमिटेड को भी  हो सकता है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Published at:01 Aug 2024 05:10 PM (IST)
Tags:DhanbadRailwayTrishulBrahmastraTransporting
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.