जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी में ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ पर पर्यावरण जागरूकता और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया. भूगोल, कृषि, प्राणीशास्त्र और वनस्पति विज्ञान विभागों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्थायी भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम की शुरुआत ‘जौ के बीज’ के सांकेतिक बोआई से हुई. यह समृद्धि, विकास और प्रकृति के साथ संतुलन का संदेश देता है. इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया. इसमें शिक्षकों और छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
पर्यावरण संरक्षण पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में आयोजित विशेष व्याख्यान सत्र में संकाय सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरणीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए भौगोलिक दृष्टिकोण बेहद अहम है. वहीं, छात्रों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई. इसमें विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से पृथ्वी संरक्षण के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के दौरान भूगोल विभाग के छात्र हरीश भुइयां ने प्रकृति पर आधारित कविता पाठ कर सभी को भावुक कर दिया. उनकी प्रस्तुति ने मानव और प्रकृति के गहरे संबंध को खूबसूरती से दर्शाया.
पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई
यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा कि पृथ्वी दिवस केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है. वहीं कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं और व्यावहारिक रूप से जोड़ते हैं. उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई. कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ. इस दौरान विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे.