धनबाद(DHANBAD): पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या से जुड़े एक दूसरे मामले में कोर्ट ने सोमवार को सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया. मामला था रिटायर्ड वैज्ञानिक के कुसुम विहार स्थित मकान के कमरे को किराए पर लेकर शूटरों को ठहराने का. पुलिस आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र के तहत पहचान छुपाकर हत्या के लिए शूटर ठहराने का आरोप साबित नहीं कर सकी. अखबारों में छपी खबर के अनुसार सोमवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने फैसला सुनाते हुए जेल में बंद डब्लू मिश्रा लाइनर पंकज कुमार सिंह,शूटर अमन सिंह, सोनू उर्फ कुर्बान अली, चंदन सिंह उर्फ रोहित सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया.
धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह और उनके तीन समर्थकों को हमलावरों ने 21 मार्च 2017 की शाम गोलियों से भून दिया था. हमला उस वक्त हुआ, जब नीरज सिंह अपनी गाड़ी से स्टील गेट स्थित आवास जा रहे थे. नीरज सिंह की गाड़ी जैसे ही ब्रेकर पर धीमी हुई, हमलावरों ने तीनों तरफ से उन्हें घेर लिया. जब तक नीरज सिंह कुछ समझ पाते हमलावरों ने उन पर गोलियों की बरसात कर दी. सरेशाम हुए इस हमले में उनके निजी बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी, चालक घलटू और करीबी समर्थक अशोक यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. शव के पोस्टमार्टम में नीरज के शरीर से 17 गोली निकाली गई थीं. नीरज के शरीर में गोलियों से 67 छेद हो गए थे.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
