दुमका(DUMKA): अग्निपथ योजना के विरोध में देशभर में कई जगह प्रदर्शन हुए. कहीं-कहीं इसने हिंसक रूप तक ले लिया. अग्निवीर बनने के लिए युवाओं में उबासी है, वहीं दुमका की कुछ लड़कियों ने अग्निवीरांगनाएं बनने के लिए कमर कस ली है. 4th झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी की ये कैडेट्स अग्निपथ के रास्ते पर तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच जमकर पसीना बहा रही हैं.
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अग्नि वीरांगना बनने को बेताब लड़कियां
दुमका के नकटी में स्थित फायरिंग रेंज में झारखंड चतुर्थ गर्ल्स बटालियन की ये एनसीसी कैडेट्स फायरिंग का अभ्यास कर रही हैं. एनसीसी में रहने से इनके अंदर देशभक्ति के जज्बा लबरेज है. अग्नि वीरांगना कहलाने के लिए ये बेताब नजर आ रही हैं. यह कैडेट्स अग्निपथ योजना को ना केवल बखूबी समझ रही हैं बल्कि इनके विरोध करने वालों को भी नसीहत दे रही हैं. इनका कहना है कि सरकार खेलने-कूदने की उम्र में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अग्निपथ योजना लाई है. इसलिए इस योजना का विरोध बिल्कुल गलत है.
एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर ने की अग्निपथ योजना की तारीफ
चतुर्थी झारखंड गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रणधीर सिंह ने अग्निपथ योजना की जमकर तारीफ की है. उनका मानना है कि इस योजना के तहत भारतीय फौज में हमेशा युवा नजर आएंगे. सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्हें एक मुश्त आर्थिक मदद भी मिलेगी। जिससे वह अपना भविष्य संवार सकते हैं. रोजगार के कई अवसर खुलेंगे. वहीं एकलव्य आवासीय बालिका विद्यालय की एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर सुमिता सिंह भी मानती हैं कि यह योजना सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाती है. युवाओं को अनुशासित होने के साथ-साथ अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देगी. इसका विरोध गलत है.
रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका